हिमांता बिस्वा सरमा असममें लाएंगे ‘लव जिहाद’ विधान एवं गोरक्षा विधान 


२४ मई, २०२१
 असमके नवनिर्वाचित भाजपा शासनके मुख्यमन्त्री हिमांता बिस्वा सरमा चुनाव पूर्व किए गए अपने वचनोंको पूर्ण करनेके लिए अगला कार्य कर रहे हैं । असममें सभी शासकीय मदरसोंको सामान्य विद्यालयोंमें परिवर्तित करनेके पश्चात अब वह प्रदेशमें ‘लव-जिहाद’के विरुद्ध विधान लाने जा रहे हैं ।
 ‘लव-जिहाद’के द्वारा हिन्दू लडकियोंको बहला-फुसलाकर या वास्तविक अभिज्ञान छुपाकर जालमें फंसानेके अनेक प्रकरण आते रहते हैं । इसके पश्चात, विवाहके नामपर हिन्दू युवतियोंका धर्म परिवर्तन कर लिया जाता है । यदि वह ऐसा नहीं करती हैं तो उन्हें प्रताडित किया जाता है ।
     असम शासनके मुख्यमन्त्री हिमांता सरमाका यह कृत्य सराहनीय है और ऐसा विधान सम्पूर्ण भारतमें लागू किया जाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution