महाशिवरात्रिपर ‘तेजो महालय’के समीप जाकर शिव स्तोत्रका पाठ करनेपर हिन्दू महिला व तीन अन्यको बनाया गया बन्दी


१२ मार्च, २०२१
     महाशिवरात्रिके दिवस आगराका ताजमहल पुनः चर्चाका विषय बन गया । ज्ञातव्य है कि धर्मनिष्ठ हिन्दुओं और संस्थाओंका विश्वास है कि ताजमहल एक प्राचीन हिन्दू शिव मन्दिर है । इसमें अखिल भारतीय हिन्दू महासभा नामक संगठनभी सम्मिलित है, जो इसे शिव मन्दिर ही मानता है । इसी संस्थाके कुछ कार्यकर्ताओंने गुरुवार ११ मार्चको मुख्य भवनके समीप शिव स्तोत्रका पाठ किया । इसी मध्य ताजमहलकी सुरक्षा व्यवस्था देखते ‘सीआईएसएफ’ने हिन्दू महिला तथा अन्यको पकडकर पुलिसको सौंप दिया । वहीं प्रकरणकी जानकारी मिलते ही अनेक हिन्दू कार्यकर्ता ताजगंज थाना पहुंचे तथा बन्दियोंको मुक्त करनेकी मांग की । बन्दी बनाई गई मीना दिवाकर संगठनकी प्रान्त अध्यक्ष हैं । उन्होंने ही ताजमहलके भीतर जाकर शिव स्तोत्रका पठन किया था । वह पूर्वमें भी मुख्य ‘गुम्बद’पर जाकर आरती और शिव चालीसा पढ चुकी हैं । इस पूरे प्रकरणका ‘वीडियो’ साझा होनेके पश्चात उनके विरुद्ध अभियोग प्रविष्ट किया गया था । उन्होंने सावन मासमें कांवड लेकर भी ताजमहलमें प्रवेश करनेका प्रयास किया था ।
      इसमें कोई सन्देह नहीं कि अनेक इस्लामिक भवनोंका निर्माण हिन्दुओंके धर्म स्थलोंको क्षतिग्रस्तकर ही किया गया है । यदि हिन्दुओंकी ऐसी आस्था है कि ताजमहल शिव मन्दिरको परिवर्तितकर बनाया गया है तो शासनको चाहिए कि इसकी जांच करवाकर तथा इसके बन्द कक्षोंको सभीके समक्ष खुलवाकर, सत्यको सभीके सम्मुख प्रकटकर विवादका पटाक्षेप करे ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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