मुस्लिम प्रेमीसे विवाहके प्रकरणपर हिन्दू युवतीको समयपर ज्ञान हुआ, कहा पहले धर्म परिवर्तित करो !


मई ३, २०१९

सूरतमें एक विचित्र प्रकरण सामने आया है । एक मुस्लिम युवकके साथ प्रेम सम्बन्धमें रह रही एक हिन्दू युवतीने सूरत पुलिस स्थानकमें (स्टेशनमें) एक शपथ-पत्र (एफिडेविट) दिया है ! हिन्दू युवतीने कहा है कि वह मुस्लिम युवकसे तभी विवाह करेगी, जब वह धर्मान्तरणकर हिन्दू बन जाएगा और साथ ही शाकाहार अपना लेगा ।

हिन्दू युवतीकी आयु १८ वर्ष, ७ माह है । जब पुलिसने गुम होनेके प्रकरणपर जांच करते हुए उसे और उसके प्रेमीको बन्दी बना लिया तो युवतीने यह शपथ-पत्र (एफिडेविट) पुलिसको सौंपा । २२ अप्रैलको जब यह युग्म (जोडा) ‘नानपुरा मैरिज रजिस्ट्री ऑफिस’में विवाह करने जा रहा था, तभी युवतीके घर वाले वहां पहुंच गए थे, जिसके पश्चात दोनों वहांसे भाग निकले ।

सोमवारको बन्दी बनानेके पश्चात पुलिसने जोडेको छोड दिया और कहा कि दोनों ही व्यस्क हैं और अपने निर्णय लेनेके लिए स्वतन्त्र है । यद्यपि, लडकी अपने परिवारके पास लौट गई और एक दिवस पश्चात अपने परिजनोंके सामने पुलिसको शपथ पत्र (एफिडेविट) सौंपा ।

पुलिसको दिए शपथ-पत्रमें (एफिडेविटमें) युवतीने कहा है कि उसने मुस्लिम युवकके साथ ‘लिव-इन रिलेशनशिप’के लिए अनुबन्ध (कॉन्ट्रैक्ट) हस्ताक्षर किया है । उसने यह भी कहा कि वह मुस्लिम युवकसे विवाह करना चाहती है; परन्तु इसके लिए कुछ उपालम्ब (शर्तें) हैं, जैसे कि उसे अपना धर्म परिवर्तित करना होगा और अपने माता-पिताकी उपस्थितिमें हिन्दू धर्म स्वीकार करना होगा ।

उसे यह भी आश्वासन देना होगा कि भविष्यमें वह अपना धर्म नहीं परिवर्तित करेगा । मुस्लिम युवकको मांसाहार छोडना होगा और वह उसे मांसाहार खाना पकानेके लिए कभी विवश नहीं करेगा ।

सूत्रोंका कहना है कि हिन्दू युवती और मुस्लिम युवक एक ही क्षेत्रमें रहते हैं । दोनोंके मध्य ६ माह पूर्व मित्रता हुई थी । मुस्लिम युवक एक ‘म्यूजिकल बैंड’में कार्य करता है, जबकि युवतीने बीकॉमके दूसरे वर्षके पश्चात अपनी शिक्षा मध्यमें ही छोड दी है ।

जब युवतीके माता-पिताको उसके सम्बन्धके बारेमें ज्ञात हुआ, वे मुस्लिम युवकके माता-पितासे मिलने गए । उन्होंने उनसे अपने पुत्रपर इस सम्बन्धको समाप्त करनेके लिए दबाव डालनेके लिए कहा ।

सूत्रोंके अनुसार, मुस्लिम युवकके माता-पिताने भी इस सम्बन्धको स्वीकृति नहीं दी और उन्होंने अपने पुत्रको युवतीसे मिलनेपर सम्बन्ध तोड लेनेकी चेतावनी दी; परन्तु परिवारके विरुद्घ जाकर दोनोंने विवाहका निर्णय किया था ।

 

“बुद्धिभ्रमित होनेके पश्चात हिन्दू युवतीको सत्यका ज्ञान हुआ, यह भी बडी बात है, कमसे कम उसका जीवन नष्ट होनेसे बच गया । लडकीने अब यह उपालम्ब (शर्त) रखी है, अब युवककी सत्यता और प्रेम उजागर हो जाएगा और युवतीको सत्यका बोध होगा कि युवक प्रेम कर रहा है या जिहाद ! सभी युवतियोंने इस प्रकरणसे सीखना चाहिए और तथाकथित जिहादी प्रेमियोंसे स्वयंको या तो दूर रखें अथवा फंसनेसे पूर्व उसकी घर-वापसी करवाए तो सत्य स्वयं उजागर हो जाएगा !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ



स्रोत : नभाटा



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


विडियो

© 2017. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution