इस्लाममें परिवर्तित न होनेपर सिरताज अलीके नेतृत्वमें ‘दरगाह’से जुडे कई लोगोंने भूपेंद्र शुक्लपर किया आक्रमण
११ अक्टूबर, २०२१
पंजाबमें धर्म परिवर्तनको अस्वीकृत करनेपर आक्रमण करनेका प्रकरण सामने आया है । यहांके भूपेंद्र शुक्ल नामके एक व्यक्तिने आरोप लगाया कि ‘दरगाह’से जुडे लोगोंके एक समूहने, इस्लाममें परिवर्तित होनेसे अस्वीकृति देनेपर उनपर आक्रमण किया ।
स्वराज्यकी पत्रकार स्वाति गोयल शर्माके प्रतिवेदनके अनुसार, ३ अक्टूबर २०२१, रविवारको भूपेंद्र शुक्लने धर्म-परिवर्तनके प्रयास और उसके पश्चात उनकी आपणीपर (दुकानपर) हुए आक्रमणके विषयमें अपना दृश्यपट वक्तव्य प्रसारित किया । उन्होंने इसे अपने जाननेवाले लोगोंके मध्य इस आशाके साथ भेजा कि यह हिन्दू-समूहोंतक पहुंच जाए और उनकी आशाके अनुसार, यह दृश्यपट वास्तविकतामें सामाजिक जालस्थलके माध्यमसे उनतक पहुंचा । शुक्लने कहा कि उसी सप्ताह कई कार्यकर्ता उनसे मिलनेके लिए आए ।
दृश्यपटमें शुक्ल कहते हैं कि मुसलमान पुरुषोंका एक समूह उनके घर आया और परिवारको धनका लोभ देकर, इस्लाम पन्थ स्वीकार करनेके लिए कहा । प्रलोभनमें पांच लाख रुपए देनेकी बात की । शुक्लने उनके प्रस्तावको अस्वीकृत कर दिया और क्रोधमें उन्हें जानेके लिए कहा । उस समय तो वे वहांसे चले गए; किन्तु वे पुनः आए और उनकी आपणीमें तोडफोड की और उनकी बहुमूल्य वस्तुएं लूट लीं ।
शुक्ल आगे कहते हैं कि उन्होंने सम्बन्धित ‘थाने’में प्रकरण भी प्रविष्ट किया; परन्तु ‘पुलिस’ने कोई कार्यवाही नहीं की । उनका कहना है कि उन्होंने मुख्य व्यक्तिको चिह्नित भी कर लिया है और ‘पुलिस’के साथ उसका नाम और अन्य जानकारी साझा की है ।
जिहादी साम, दाम, दण्ड, भेद, ये सभी मार्गसे धर्म-परिवर्तनमें लगे हैं । यदि जहां धर्म-परिवर्तन हो रहा है, वहां कांग्रेसका शासन हो तो ऐसा करनेके लिए शासनसे भी उन्हे सुरक्षा मिल जाती है । दो तिहाईसे भी न्यून राज्योंमें सत्ता पराजयके पश्चात भी यह दुर्भाग्य ही है कि कांग्रेस अभी भी तुष्टीकरणकी राजनीतिमें लगी है । हिन्दुओंको सुरक्षित रहनेके लिए स्वयं ही संगठित होना होगा, तभी हिन्दू सुरक्षित रह पाएंगे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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