छद्म नागरिकताका प्रकरणवाले रौल विंसीका (राहुल गांंधीका) बेतुका वक्तव्य, प्रधानमन्त्री मोदीकी शक्ति उनकी छवि है और मैं उसे नष्ट करके रहूंंगा !


मई ३, २०१९


कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधीने प्रधानमन्त्री मोदीकी छविको लेकर बडा प्रहार किया है । उन्होंने एक साक्षात्कारके समय कहा कि प्रधानमन्त्री मोदीकी शक्ति उनकी छवि है और वो इसे नष्ट कर देंगें । उन्होंने कहा कि वो सत्य सामने लाकर रहेंगें और प्रधानमन्त्री मोदीकी छविको नष्ट करनेका कार्य आरम्भ भी कर चुके हैं ।

इसके साथ ही उन्होंने मतदानको लेकर पूछे गए प्रश्नका उत्तर देते हुए कहा कि यह चुनाव भाजपा या मोदी नहीं जीत रहे, वरन कांग्रेसके नेतृत्त्वमें यूपीए सत्तामें आने जा रही है । राहुल गांधीने कहा कि यह जनता निर्धारित करेगी कि देशका अगला प्रधानमन्त्री कौन बनेगा और २३ मईको जनता अपना निर्णय सुना देगी; परन्तु साथ ही उन्होंने विश्वास भी प्रकट किया कि यूपीए शासनका आना निर्धारित है । इस साक्षात्कारके समय ‘न्याय योजना’पर पूछे गए प्रश्नका उत्तर देते हुए राहुल गांधीने कहा कि वो प्रधानमन्त्री मोदीकी भांति झूठे वचन नहीं करते । उन्होंने कहा कि इस न्याय योजनाका लाभ प्रत्येक परिवारको मिलेगा । इस योजनासे प्रत्येक परिवारको सहायता मिलेगी और साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस योजनाका भार मध्यमवर्गपर नहीं पडने वाला है ।

वहीं, राफेलके प्रश्नपर राहुल गांधीने कहा कि प्रधानमन्त्रीने सभी नियमोंको अनदेखाकर अनिल अम्बानीको लाभ पहुंचाया है, जिसकी जांच होनी चाहिए । कांग्रेस आरम्भसे ही इसकी जांचकी मांग कर रही है । इसके साथ ही राहुल गांधीने सर्जिकल स्ट्राइकको लेकर भी प्रधानमन्त्रीपर लक्ष्य साधा । उन्होंने कहा कि मनमोहन शासनमें तीन बार सर्जिकल स्ट्राइक हुए थे; परन्तु कांग्रेसने कभी इसका कभी ढिंढोरा नहीं पीटा ।

 

“राहुल गांधी अभी कुछ समय पूर्व ही सत्ताके लिए गहन निद्रासे जागे हैं । जब वे वर्षों-वर्षोंसे विदेशोंमें राजसी जीवन व्यतीत कर रहे थे, तब प्रधानमन्त्री देशकी सेवामें ही संलग्न थे । छवि ऐसी नहीं बनाई जाती है, उसके लिए पुरुषार्थ करना पडता है । राहुल गांधी अपनी छविकी चिन्ता करें, जो छद्म नाम लेकर, छद्म छवि लेकर केवल सत्ता पानेकी लालसामें घूम रहे हैं और प्रार्थना करें कि हमारा लोकतन्त्र दुर्बल सिद्ध हो और उनपर कोई कार्यवाही न हो; अन्यथा जो असत्य राहुल गांधीने अपनी नागरिकताको लेकर कहा है और जो नेशनल हैराल्डका प्रकरण उनपर चल रहा है, उसके लिए यदि उन्हें आजीवन कारावासका दण्ड मिले, वह भी अल्प है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ



स्रोत : ऑप इण्डिया

 



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