हिन्दू बहुल राष्ट्रमें गायोंकी विडम्बना, पूर्वी देहलीके साम्प्रदायिक संवेदनशील क्षेत्र त्रिलोकपुरीमें दो गाय मृत पाई गईं !!


मई १०, २०१९

पूर्वी देहलीके त्रिलोकपुरीके एक पार्कमें बुधवार, ८ मईको दो गाय मृत मिलीं, जिसके पश्चात साम्प्रदायिक रूपसे संवेदनशील इस क्षेत्रमें तनाव होनेकी आशंकामें पुलिसने सुरक्षा बढा दी है । पुलिसके एक वरिष्ठ अधिकारीने बताया कि एक डेयरीके स्वामीने प्रातःकाल लगभग छह बजे पुलिसको घटनाकी सूचना दी कि उसकी दो गाय कोटला गांवके पीछे संजय झील पार्कमें मृत मिलीं । पुलिसने बताया कि स्थानकी कमीके कारण डेयरीका स्वामी अपनी गायोंको पार्कमें छोड देता था ।

डेयरी स्वामी जब प्रातः गायोंका दूध निकालने वहां पहुंचा तो उसने देखा कि उनमेंसे दो गाय ओझल थीं । अधिकारीने बताया कि उसे दोनों गाय पार्कमें मृत मिलीं, जिसके पश्चात उसने पुलिसको इसकी जानकारी दी । पुलिस वहां पहुंची और उन्होंने पाया कि दो गायोंको कथित रूपसे मार दिया गया, जबकि अन्य सुरक्षित थीं । उन्होंने बताया कि पशुओंके प्रति क्रूरता रोकथाम अधिनियम और ‘भादंवि’की सम्बन्धित धाराओंके अन्तर्गत अज्ञात लोगोंके विरुद्घ प्रकरण प्रविष्ट किया गया है ।


पुलिसने बताया कि क्षेत्रमें कोई सीसीटीवी नहीं लगा है । वे जांचमें स्थानीय गुप्तचर तन्त्रोंका प्रयोग कर रहे हैं । दिल्ली अल्पसंख्यक आयोगके (डीएमसी) अध्यक्ष डॉ. जफरुल-इस्लाम खानने घटनाको गम्भीरतासे लेते हुए देहली पुलिस आयुक्तको पत्र लिख चेताया कि असामाजिक तत्त्व १२ मईको मतदानसे पूर्व इस घटनाका प्रयोग तनाव उत्पन्न करनेके लिए कर सकते हैं । डीएमसी अध्यक्षने पुलिससे शांतिका वातावरण सुनिश्चित करने और घटनामें सम्मिलित अपराधियोंको बन्दी बनानेकी मांग की है ।

 


“हिन्दू बहुल राष्ट्रकी ये दो बडी विडम्बनाएं हैं कि धर्मान्ध जिस क्षेत्रमें अधिक होते हैं, वह क्षेत्र स्वतः ही संवेदनशील बन जाता है और गायोंका वध होना आरम्भ हो जाता है । अब हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना ही इस स्थितीको परिवर्तित कर सकती है । ”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : नभाटा



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2017. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution