अवैध रूपसे रह रहे १६ बांग्लादेशियोंके साथ शरण देने वाला भी बन्दी बनाया


अक्तूबर ९, २०१८

मथुरा पुलिसने कोसीकलां उपनगरमें (कस्बेमें) छापेमारी कर वहां अवैध रूप से रह रहे १६ बांग्लादेशी नागरिकों और उन्हें शरण देने वाले एक व्यक्तिको बन्दी बनाया है । पुलिस उन्हें शरण देनेमें सहायता करने वाले दूसरे व्यक्तिकी खोज कर रही है । मथुराके वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमारने मंगलवारको बताया कि स्थानीय अभिसूचना इकाईको कोसीकलांकी ईदगाहके पास वाल्मीकि बस्तीकी कुछ झुग्गियोंमें अनजान लोगोंके रहने की सूचना मिली ।

इस सम्बन्धमें पुलिसने छापा मार कर वहां अवैध रूपसे रह रहे १६ बांग्लादेशी नागरिकों और उन्हें शरण देनेके आरोपमें एक स्थानीय व्यक्तिको बन्दी बनाया । उन्होंने बताया कि जांचके समय इन लोगोंके पास से सात चलभाष यन्त्र, अनुचित ढंगसे बनवाए गए आठ आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, एक चालक अनुमतिपत्र (ड्राईविंग लाइसेंस) और अन्य चीजें मिली हैं । उन्होंने बताया कि पुलिसको इन बांग्लादेशियों को शरण देनेके प्रकरणमें जगदीश नामक व्यक्तिकी भी तलाश है, जबकि इलियासको पकडा जा चूका है ।

कुमारने बताया, बन्दी बनाए गए बांग्लादेशी नागरिकोंका कहना है कि सीमा पार करानेके लिए वकार और मीनू नामक व्यक्तियोंने उनसे प्रति-व्यक्ति आठ सहस्त्र रुपये लिए थे । वहीं कोसीकलांमें इलियास उन्हें अपनी भूमिमें झुग्गी डालकर रहने देनेके लिए प्रतिमाह दो सहस्त्र रुपयेकी राशि लेता था ।

 

“कुछ रुपयोंके लिए राष्ट्रको बेचने वाले इन द्रोहियोंको सबके समक्ष सूली चढानेका विधान होना चाहिए, परन्तु राजनीतिसे प्रेरित इस लोकतन्त्रने ऐसे द्रोहियोंका पोषण करनेके अतिरिक्त किया ही क्या है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : जी न्यूज 



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