जुलाई ११, २०१८
भारतीय प्रशासनिक सेवाके अधिकारी शाह फैसलके ‘रेपिस्तान’ सम्बन्धी ‘ट्वीट’पर केन्द्र शासनने जम्मू – कश्मीर शासनसे विवरण मांगा है । सूत्रोंके अनुसार कार्मिक विभागने राज्यसे विस्तृत विवरण मांगा है, ताकि प्रकरणमें कार्रवाई सुनिश्चितकी जा सके । भारतीय प्रशासनिक सेवाके अधिकारी फैसल २०१० वर्गके अधिकारी हैं और अभी अमेरिकामें ‘मास्टर’ कार्यक्रम कर रहे हैं । फैसलको भेजी सूचनामें जम्मू – कश्मीर शासनके सामान्य प्रशासन विभागने कहा है , ‘‘ कर्त्तव्य पालनमें आप पूरी तरह ईमानदारी और सत्यनिष्ठ रहनेमें विफल रहे हैं । आपने एक शासकीय चाकरके रूपमें अशोभनीय ढंगसे कार्य किया है ।’
अधिकारीने ‘ट्वीट’ किया था, ‘‘जनसंख्या + पितृसत्ता + अशिक्षा + शराब + पोर्न + प्रौद्योगिकी + अराजकता = रेपिस्तान !’’ दिशा-निर्देशोंके अनुसार शासनकी नीतियोंकी आलोचना करनेपर भारतीय प्रशासनिक सेवाके अधिकारियोंके विरुद्ध अनशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है ।
अधिकारीने अपने लेखका बचाव करते हुए कहा कि मैने शासनकी नीतियों की आलोचना नहींकी है । उन्होंने ‘ट्वीट’कर कहा ‘‘यदि बलात्कार शासनकी नीतियोंका भाग है तो मैं शासनकी नीतियोंकी आलोचना करनेका अपना दोष स्वीकार करता हूं ।’’ ‘सिविल सेवा परीक्षा’में शीर्ष स्थान प्राप्तकर समाचारोंमें रहने वाले फैसलने उन्हें दिए गए पत्रको नकार दिया । फैसलने कहा, ‘‘दक्षिण एशियाकी बलात्कार संस्कृतिके विरुद्ध मेरे व्यंगात्मक ‘ट्वीट’पर मेरे अधिकारीकी ओरसे मुझे प्रेम-पत्र मिला है ।’’
अधिकारीने अपने विरुद्ध कार्रवाईपर प्रश्न करते हुए कहा है कि क्या कर्मचारियोंसे समाजके नैतिक प्रश्नोंसे पूर्णतया भिन्न होनेकी आशाकी जा सकती है ?; क्योंकि कुछ भी कहे हुएको शासकीय नीतियोंकी आलोचनाके रूपमें व्याख्यायित किया जा सकता है ।
इस मध्य नेशनल कांफ्रेंस नेता और जम्मू-कश्मीरके पूर्व मुख्यमन्त्री उमर अब्दुल्ला पूर्ण रूपसे अधिकारीके समर्थनमें आ गए हैं । उन्होंने ‘ट्वीट’कर कहा “ऐसा लगता है कि डीओपीटी शाह फैसलको प्रशासनिक सेवाओंसे बाहर करनेके लिए पीछा कर रहा है । इस सूचनाकी अन्तिम पंक्ति चौकाने वाली और अस्वीकार्य है, जिसमें वे निर्णयकी ईमानदारीपर प्रश्न उठाते हैं ।”
स्रोत : जी न्यूज
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