मई १, २०१९
महाराष्ट्रके गढचिरौलीमें नक्सलियोंके घात लगाकर किए गए आक्रमणमें १५ सैनिक हुतात्मा हो गए ! नक्सलियोंद्वारा किए गए ‘आईईडी’ विस्फोटमें ‘क्विक रिस्पॉन्स दल’को ले जा रहा वाहन चपेटमें आ गया था । इसमें निजी बसका चालक भी मारा गया है । प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदीने इस आक्रमणमें हुतात्मा सैनिकोंके प्रति शोक प्रकट किया है और कहा है कि आक्रमणके षडयन्त्रकर्ताओंको छोडा नहीं जाएगा ! राज्यके मुख्यमन्त्री देवेन्द्र फडणवीस डीजीपी और गढचिरौलीके पुलिस अधीक्षकके (एसपीके) सम्पर्कमें हैं ।
उल्लेखनीय है कि कुरखेडा उपमण्डलके (तहसीलके) दादापुकुरखेडरा गांवमें नक्सलियोंने ३६ वाहनोंको आग लगा दी थी, उसके पश्चात ‘क्विक रिस्पॉन्स दल’के कमांडो घटनास्थलके लिए रवाना हुए थे । ये कमांडो नक्सलियोंका पीछा करते हुए जंबुखेडा गांवकी एक पुलियापर पहुंचे, जहां नक्सलियोंने विस्फोटकेद्वारा सैनिकोंपर आक्रमण कर दिया, गढचिरौलीमें यह विस्फोट घने जंगलोंके मध्य हुआ है । विस्फोटके पश्चात पुलिस और नक्सलियोंके मध्य गोलीबारी भी हुई । अभी वहां अन्वेषण अभियान चलाया जा रहा है । कहा जा रहा है कि महाराष्ट्रमें शांति पूर्ण और बढ-चढकर हो रहे मतदानसे नक्सली भडके हुए थे, जिसके चलते उन्होंने ‘आईईडी’ विस्फोट किया । इससे पूर्व महाराष्ट्र दिवसके अवसरपर गढचिरौलीमें ही नक्सलियोंने निजी ठेकेदारोंके तीन दशकाधिक (दर्जन) वाहनोंको आग लगा दी थी !
प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदीने भी आधिकारिक ‘ट्विटर’ खातेसे नक्सली आक्रमणमें हुतात्मा हुए सैनिकोंपर शोक प्रकट किया है । उन्होंने लिखा, “सभी सैनिकोंको नमन करता हूं । उनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जाएगा । मेरी सांत्वना शोक संतप्त परिवारोंके साथ है । हिंसाके पीछे षडयन्त्रकर्ताओंको छोडा नहीं जाएगा ।”
महाराष्ट्रके पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सुबोध जायसवालने सामूहिक प्रेस वार्तामें कहा कि नक्सलियोंके आक्रमणमें १५ सैनिक हुतात्मा हो गए और एक चालककी भी मृत्यु हो गई । इस घटनाका प्रखर उत्तर देनेके लिए सज्ज हैं और हमारे पास क्षमता भी है । प्रभावित क्षेत्रमें अन्वेषण अभियान किया जा रहा है । नक्सलियोंने कायरतापूर्ण आक्रमण किया । ‘इंटेलिजेंस फेल्योर’ शब्द देना ठीक नहीं है । इसप्रकारकी घटनामें हमारी ओरसे सतर्कता रखनी होती है । हमारा प्रयास रहेगा कि आगे ऐसा आक्रमण न हो ।
नक्सल संकटोंको ध्यानमें रखते हुए १९९२ में ‘सी-६० बल’ सज्ज किया गया था । इसमें पुलिस बलके ६० सैनिक सम्मिलित होते हैं । यह कार्य गढचिरौलीके पुलिस अधीक्षक (एसपी) के.पी. रघुवंशीने किया था । ‘सी-६०’में सम्मिलित पुलिसवालोंको गुरिल्ला युद्धके लिए भी सज्ज किया जाता है । इनका प्रशिक्षण हैदराबाद, बिहार और नागपुरमें होता है । इसको महाराष्ट्रका उत्कृष्ट बल माना जाता है । प्रतिदिन प्रातःकाल गुप्त जानकारीके आधारपर यह बल आसपासके क्षेत्रमें अभियान करता है । ‘सी-६०’के सैनिक अपने साथ लगभग १५ किलोका भार लेकर चलते हैं, जिसमें शस्त्रके अतिरिक्त, भोजन, जल, प्राथमिक उपचार और शेष सामान सम्मिलित होता है ।
उल्लेखनीय कि बुधवार, १ मईको ही गढचिरौलीके कुरखेडामें नक्सलियोंने निजी ठेकेदारोंके कमसे कम तीन दशकाधिक (दर्जन) वाहनोंमें आग लगा दी । यह घटना प्रातःकाल उस समय हुई, जब राज्यका स्थापना दिवस ‘महाराष्ट्र दिवस’ मनानेकी पूर्वसिद्धता की जा रही थी । नक्सली गत वर्ष २२ अप्रैलके दिवस सुरक्षा बलोंद्वारा मारे गए अपने ४० साथियोंकी मृत्युकी प्रथम वार्षिक तिथि (बरसी) मनानेके लिए एक सप्ताहसे चल रहे विरोध प्रदर्शनके अन्तिम चरणमें थे । गढचिरौलीमें ही जिन वाहनोंको नक्सलियोंने अपना लक्ष्य बनाया, उनमेंसे अधिकतर ‘अमर इंफास्ट्रक्चर लिमिटेड’के थे, जो दादापुर गांवके पास एन.एच. १३६ के पुरादा-येरकाड क्षेत्रके लिए निर्माण कार्योंमें लगे थे ।
घटनास्थलसे भागनेसे पूर्व नक्सलियोंने गत वर्ष अपने मित्रोंकी हत्याकी निंदा करते हुए फलक (पोस्टर) भी लगाए । नक्सलियोंने जानेसे पूर्व दो जेसीबी, ११ टिप्पर, डीजल और पेट्रोल टैंकर्स, रोलर्स, जेनरेटर वैन और दो स्थानीय कार्यालयोंको भी आग लगा दी थी ।
“स्पष्ट है कि यह योजना एक दिवसमें नहीं बनाई गई है, यह पूर्वनियोजित षडयन्त्र है कि पहले वाहनोंको आग लगाई गई, तदोपरान्त सैनिकोंके वाहनको विस्फोटसे उडाया गया । स्वतन्त्रताके इतने वर्षों पश्चात भी हमारे ही निकट रह रहे नक्सली और आतंकी हमारे सैनिकोंको मार देते हैं, यह ‘इंटेलिजेंस फेल्योर’ कैसे नहीं है ? क्या संवेदना प्रकट करनेसे सैनिक वापस आएंगें । इन नक्सलियोंके पास धन कहांसे आता है ? इनका अन्त अभीतक क्यों नहीं किया गया ? इनका उत्तर प्रत्येक हिन्दुस्तानी ढूंढें और अपने राजनेताओंसे उत्तर मांगे !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
Leave a Reply