जनवरी ४, २०१९
पश्चिम बंगालकी मुख्यमन्त्री ममता बनर्जी इस समय समाचारोंमें हैं । ममता शासन और केन्द्रीय जांच विभाग सीबीआईके मध्य यह युद्ध सोमवार, ४ जनवरीको उच्चतम न्यायालय पहुंच गया ।
न्यायालयमें दोनों पक्ष आमने-सामने थे । इसकी सुनवाई यद्यपि कलतकके लिए टल गई है; परन्तु सुनवाईके मध्य मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोईने एक बडा वक्तव्य दिया है । सीबीआईकी ओरसे महा न्यायभिकर्ता (सॉलिसिटर जनरल) तुषार मेहता न्यायालयके समक्ष प्रस्तुत हुए और समूचा प्रकरण रखा । इसमें पश्चिम बंगाल शासनकी ओरसे अभिषेक मनु सिंघवी पैरवी कर रहे थे ।
न्यायाधीशने पूछा कि प्रातः क्या स्थिति है और आपकी क्या मांग है ? इसपर मेहताका कहना था कि समस्त साक्ष्य नष्ट किए जा सकते हैं ।
जब कमिश्नरद्वारा साक्ष्य मिटाए जानेकी बात आई तो गोगोईने सीबीआईकी ओरसे प्रस्तुत तुषार मेहतासे कहा कि यदि आपने एक भी ऐसा साक्ष्य प्रस्तुत किया, जिससे कमिश्नरकेद्वारा साक्ष्य नष्ट किए जानेकी बात सिद्ध होती हो तो हम ऐसी कार्यवाही करेंगे कि उन्हें (कमिश्नरको) पछताना पडेगा ! इसके पश्चात सुनवाई एक दिवसके लिए टाल दी गई ।
स्रोत : न्यूज १८
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