मध्य प्रदेशमें आदिवासी बहुल क्षेत्रमें ‘कोरोना’ ‘नौकरी’के मध्य ईसाई धर्मका प्रचार करती पकडी गई परिचारिका
२३ मई, २०२१
मध्य प्रदेशके रतलाम जनपदमें २२ मईको शासकीय सेवाके मध्य धर्म प्रचारका प्रकरण सामने आया है । बाजालाके आदिवासी बहुल विकास खण्डमें एक परिचारिकाको ‘कोरोना’ महामारीके मध्य लोगोंको आहार योजनाओंके विषयमें सूचित करनेके बहाने ईसाई धर्मका प्रचार करनेवाली प्रचार पुस्तिका सहित पकडा गया है ।
परिचारिकाका अभिज्ञान बाजनामें ‘रैपिड रिस्पांस टीम’की संध्या तिवारीके रूपमें हुआ है । २२ मई २०२१ शनिवारको, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघके कार्यकर्ताओंको परिचारिकाके विषयमें ज्ञात हुआ, जो शासकीय ‘नौकरी’के मध्य ईसाई धर्मका प्रचारकर रही थी । जब वह क्षेत्रमें सर्वेक्षण कर रही थीं तो लोगोंने धार्मिक प्रचारपर आपत्ति जताई । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा अन्य हिन्दू सङ्गठन भी वहांपर पहुंचे ।
जब कार्यकर्ताने परिचारिकासे पूछा कि वह ऐसा क्यों कर रही हैं ? तो उसने कहा कि वह सभीको यीशुके विषयमें नहीं बता रही थी ‘केवल उन लोगोंको बता रही थीं, जिन्हें इसकी आवश्यकता है ।
परिचारिका जो पत्रक वितरित कर रही थी, उसमें ईसाई ‘टीवी चैनल शो’, ‘वेबसाइट’ आदिकी जानकारी थी ।
कथित सन्त टेरेसासे लेकर इस मतान्तरित ईसाई संध्या तिवारीतक, सभी ईसाई छद्म सेवा और प्रार्थनाके माध्यम मतान्तरण करते रहे हैं; परन्तु यह शासकीय सेवामें रहते हुए ऐसा करनेका दुस्साहसका भी प्रकरण है, जो आपराधिक है । इस परिचारिकापर अभीतक कोई कार्यवाही नहीं हुई है; अतः सभी इसे सेवामुक्त करनेकी मांग मध्य प्रदेश शासनसे करें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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