‘आईएमए’का बाबा रामदेवको क्षमा न मांगनेपर १००० करोड ‘वसूलने’का सूचना पत्र, ‘कोरोनिल’का विज्ञापन हटानेको भी कहा
२६ मई, २०२१
‘इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन’ और बाबा रामदेवके मध्य विवाद समाप्त होता नहीं दिख रहा । ‘आईएमए’ उत्तराखण्डने बाबा रामदेवको १००० करोड रुपएकी मानहानिका सूचनापत्र भेजा है । सूचनापत्रमें उनसे अपने वक्तव्यका खण्डनकर लिखित और ‘वीडियो’के माध्यमसे क्षमाकी मांग की गई है । इसके लिए १५ दिनोंका समय दिया गया है ।
सूचनापत्रके अनुसार, १५ दिनमें क्षमा नहीं मांगनेपर बाबा रामदेवसे १००० करोड रुपएकी मांग की जाएगी । उनसे ७६ घण्टेके भीतर ‘कोरोनिल’के भ्रामक विज्ञापनको सभी स्थानसे हटानेको कहा गया है । बताया गया है कि इन विज्ञापनोंमें यह बताया गया है कि ‘कोरोनिल कोविड वैक्सीन’के पश्चात होनेवाले दुष्प्रभावोंपर प्रभावी है ।
केन्द्रीय स्तरपर बाबा रामदेवद्वारा खेद व्यक्त करनेके पश्चात भी राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय औषधि संघ आयुर्वेदसे कितने भयभीत है कि वह अब ‘आईएमए’की उत्तराखंड शाखाद्वारा मानहानिके लिए भेजे गए सूचनापत्रसे ज्ञात होता है । केन्द्र और राज्य शासन भी इनके आगे असहाय दिखते हैं । अब समय आ गया है कि सभी नागरिक, जो भारतीय सनातन संस्कृतिसे प्रेम करते हैं, वह आयुर्वेद और बाबा रामदेवका इस प्रकरणपर समर्थन करें !
साथ ही भारत शासन, आयुर्वेदका उपहास करनेवाले ईसाइयोंके संगठन ‘आईएमए’पर प्रतिबन्ध लगाए और भारत शासनकी संवैधानिक संस्था ‘मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया’ अर्थात भारतीय चिकित्सा परिषदको मुखर होने तथा आयुर्वेदके पक्षमें उतरने का निर्देश दे ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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