देहली पुलिसके सिपाहीको प्रहारकर अचेतावस्थामें पहुंचानेवाला इमामुद्दीन चोटिल होनेपर बनाया गया बन्दी
२५ मार्च, २०२१
देहली पुलिसके ‘स्पेशल सेल’ने संघर्षके पश्चात कुख्यात अपराधी इमामको (इमामुद्दीनको) अभिरक्षामें ले लिया है । आरोपी इमाम नंदीनगर क्षेत्रका अपराधी है जिसके विरुद्ध डकैती, उपद्रव व अवैध शस्त्रोंसे सम्बन्धित गम्भीर धाराओंमें १८से अधिक प्रकरण प्रविष्ट हैं । पुलिस इमामपर ‘मकोका’ प्रकरण अन्तर्गत अभियोग प्रविष्ट करनेकी सिद्धता कर रही है । वहीं पूर्वमें भी जिहादीपर अपराधिक प्रकरणोंके चलते उसे बन्दीगृह भेजा जा चुका था; परन्तु वह प्रतिभूतिपर बाहर आ जाता था और पुनः अपराधोंमें संलिप्त हो जाता था । इमाम पुलिसपर भी आक्रमण करने हेतु कुख्यात रहा है । उसने अनेक बार पुलिसपर प्राणघातक प्रहार भी किया है ।
वर्ष २००९ में जब इमाम अपराध करनेके पश्चात अपने साथियोंके साथ भाग रहा था तब ‘पीसीआर’में नियुक्त ओंकारने उसे पकड लिया तब इमामने अपने साथियोंके साथ मिलकर उनकी पिटाईकर उन्हें अत्यधिक चोटिल कर दिया जिसके पश्चात वह तबसे ‘कोमा’में हैं तथा वर्तमानमें गुरु तेग बहादुर चिकित्सालयमें प्रविष्ट है । वहीं २०१५ में भी नंदीग्राममें एक अपराधीकी हत्याके प्रकरणमें जब पुलिस प्रकरणस्थलपर पहुंची तब इमामने स्थानीय लोगोंके साथ मिलकर पुलिसपर आक्रमण कर दिया था एवं स्वयं वहांसे भाग निकला । वहीं इसी वर्ष जनवरीमें चोरीके प्रकरणकी जांचके मध्य पुलिसकर्मी जब इमामके घर पहुंचे तब भी इमामने परिजनके साथ मिलकर पुलिसकर्मियोंपर प्रहार किया । इस प्रकरणके पश्चातसे इमाम पुलिसकी पहुंचसे दूर था । अब ‘डीसीपी’ प्रमोद कुशवाहाने बताया कि २० मार्चको देहली पुलिसकी ‘स्पेशल सेल’को जानकारी मिली की वह सराय काले खांके समीप किसी अपराधके नियोजन हेतु घूम रहा है । तब पुलिस अधिकारियोंने आत्मसमर्पण करने हेतु कहा; परन्तु उसने अपनी अपराधिक प्रवृत्तिके अनुसार पुलिसपर गोली चलाई जिसमें वह सफल तो नहीं हुआ; अपितु उसके दोनों पांवोंपर गोली लग गई और उसे चिकित्सालयमें प्रविष्ट कराया गया । उल्लेखनीय है कि पुलिसको इमामके पाससे चोरीका वाहन, ३२ बोरकी ‘पिस्टल’ एवं तीन ‘कारतूस’ प्राप्त हुए हैं ।
ऐसे जिहादी व कुख्यात प्रवृत्तिके व्यक्तियोंको पकडनेके पश्चात तुरन्त ही मृत्युदण्ड देना चाहिए जिससे अन्य व्यक्तिभी ऐसे कुकर्म करनेसे पूर्व अनेक बार सोचें । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
Leave a Reply