गुजरात विधानसभामें कांग्रेस विधायक इमरान खेडावालाने फाडी बलपूर्वक धर्मांतरण विरोधी विधेयककी प्रति


०१ अप्रैल, २०२१
गुजरात विधानसभामें बजट सत्रके अन्तिम दिवसके विधायक इमरान खेडावालाने बलपूर्वक धर्मांतरण विरोधी विधेयककी प्रति फाड डाली । इमरान खेडावालाने यह कहा कि उन्होंने विधेयकको इसलिए फाडा; क्योंकि इसमें ‘जिहाद’ शब्दका उपयोग है और ये एक समुदायको सम्बोधित करता है । उन्होंने कहा, “राज्यके गृह मन्त्री प्रदीप सिंह जडेजाने केवल इसमें ये बताया है कि हिन्दू समुदायकी ‘बेटियों’को एक विशेष समुदायके पुरुषोंद्वारा लक्षित किया जाता है ।”
इस घटनाके पश्चात गुजरातके भाजपा विधायक प्रदीप सिंह जडेजाने विधानसभामें इतना आक्रमक होनेके लिए इमरानके विरुद्ध कठोर कार्यवाईकी  मांग की है ।
उल्लेखनीय है कि उक्त विधेयक, बलपूर्वक धर्म परिवर्तनके बढते प्रकरणोंको रोकनेका प्रयास करता है । विशेषकर जहां मुस्लिम पुरुष हिन्दू होनेका दिखावा करते हैं या विवाहकी आडमें हिन्दू महिलाओंके साथ सम्बन्ध बनानेके लिए अपनी धार्मिक ‘पहचान’ छुपाते हैं ।
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेशमें लागू ‘लव जिहाद’ विरोधी विधानकी भांति गुजरात विधानसभामें यह विधेयक राज्यके गृह मन्त्री प्रदीप सिंहने प्रस्तुत किया था । इसके अनुसार युवा महिलाका धर्मान्तरण करवानेपर ५ वर्षका दण्ड और २ लाख रुपयेका आर्थिक दण्ड हो सकता है । वहीं अवयस्कके साथ ऐसा करनेपर ७ वर्षका दण्ड और ३ लाखके आर्थिक दण्डका प्रावधान किया गया है ।
      इमरान खेडावालाका विरोध केवल मुसलमान होनेके कारण नहीं है; अपितु कांग्रेस विधायक होनेके कारण भी है । उनका विधेयकको फाडना दर्शाता है कि जिहादी म्लेच्छोंके जनसंख्या जिहादमें यह बाधा है । इस कृत्यके लिए उन्हें विधानसभासे निष्कासितकर, उनपर आजीवन चुनाव न लडनेका प्रतिबन्ध लगाया जाना चाहिए और इस प्रकारका विधान सम्पूर्ण देशमें लागू किया जाना चाहिए । इस विधेयकमें यह कहीं नहीं लिखा है कि यदि हिन्दू भी अपनी ‘पहचान’ छुपाकर किसी मुसलमान युवतीसे छल करेगा तो वह दोषी नहीं होगा; तथापि किसी भी हिन्दूको इससे आपत्ति नहीं है और केवल मुसलमानोंको आपत्ति है, इसका अर्थ सभी हिन्दुओंको समझ लेना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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