चार नगरोंके २८ स्थानपर मारे गए छापे, तीन सौ करोड रुपयोंका नहीं मिला ब्यौरा
०५ मार्च, २०२१
मुंबईके चलचित्र निर्माता अनुराग कश्यपके साथ-साथ चार अन्य नगरोंके २८ स्थानपर छापेमारी की गई । इन स्थानोंपर कर-चोरीके कई प्रकरण उजागर हुए । तापसी पन्नूके निवाससे पांच करोडके अवैध लेनदेनकी पावती (रसीद) प्राप्त हुई, जिसका लेनदेन ‘नकद’ किया गया था । संस्थानके विक्रय करनेके मूल्योंको बहुत न्यून दर्शाया गया था । ‘कम्पनी’के अधिकारी इसके ३०० करोड रुपयोंके लेनदेनका कोई भी ब्यौरा नहीं दे पाए । इसी मध्य बैंकोंमें सात ‘लॉकर्स’के प्रयोगपर भी प्रतिबन्ध लगा दिया गया है ।
इससे पूर्व भी कई चलचित्र निर्माताओंके कार्यालयों और निवासोंपर पिछले कई वर्षोंमें छापे मारे गए थे । कांग्रेसने इसे भारतीय शासनका इसे प्रतिशोध बताया है । अनुरागके समर्थनमें महाराष्ट्र शासनको बोलते हुए देखकर पायलने टिप्पणी की है, “पूरा महाराष्ट्र शासन अब अनुराग कश्यपके पक्षमें आ गया है । अब सब स्पष्ट है कि मुंबई पुलिसद्वारा अनुरागके विरुद्ध कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गई ?”
देशद्रोही निर्माताओंद्वारा भारी घोटाले होनेपर भी महाराष्ट्र शासनने उन्हें छूट दे रखी है, जिसका अर्थ ही शासनको दोषी बताता है । इन कर-चोरों सहित ऐसे अनीतिपूर्ण हिन्दू विरोधी शासनको पदच्युत करना अति आवश्यक हो गया है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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