फरवरी २७, २०१९
पाकिस्तानने पुलवामा आक्रमणसे पूर्व सोचा था की भारतमें कांग्रेस जैसा ही शासन है, जिसने २६/११ जैसे बडे आक्रमणके पश्चात भी कार्यवाही नहीं की थी, परन्तु पाकिस्तानने यहीं चूक कर दी, उडीके पश्चात भी मोदी शासनने कार्यवाही की थी ।
मोदी शासनने पहले पाकिस्तानकी आर्थिक कमर तोडी, तदोपरान्त पाकिस्तानमें मिराज भेजकर तांडव मचाया !
पाकिस्तानके सबसे उत्तम जेट्स, अमेरिकासे मिला एफ-१६ और चीनसे मिला जफ-१७, भारतने २ दिवसोंमें मार गिराया है ! स्थिति यह है कि पाकिस्तानके जेट्समें ईंधन भरनेके लिए भी नहीं है; क्योंकि पाकिस्तान अपनी वायुसेनाके साथ एकदम सज्ज नहीं था ।
पाकिस्तानमें ईंधनके लिए आपातकालीन बैठक हो रही है, और अब फाइटर जेट्सको उडानेसे पूर्व उसपर शस्त्र लोड करना होता है, और अब भारतने कई वायुसेनाके बेसपर परमाणु आक्रमणमें सक्षम ‘सुखोई-३० एमकेआई फ्लैंकर जेट्स’की तैनाती कर दी है !
पाकिस्तानने भारतसे आक्रमणको तीव्र न करनेकी याचिका की है, विराम लेनेकी याचिका की है, पाकिस्तानके पास ‘सुखोई-३०’का कोई तोड नहीं है, ये विश्वके सबसे तकनीकी जेट्समें है और पाकिस्तानमें अब हडकंप है; क्योंकि भारतीय वायुसेना सुखोई उडानेके लिए सज्ज है !
“तुलसीदासजीने उचित ही कहा है, ‘भय बिनु होई न प्रीति’ ! पाकिस्तानके साथ वर्षों पूर्व ही यह सब हो जाना चाहिए था; क्योंकि भारत अपनी ओरसे प्रत्येक वस्तु भिक्षामें उसे दे चुका है, तब भी वह अपनी इस्लामिक मानसिकताका परिचय देता रहता है और यह भी स्पष्ट है कि वह मानेगा नहीं; अतः अब उसे पाठ पढाना आवश्यक है !”-सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : दैनिक भारत
Leave a Reply