सीमापर पाकके साथ व्यापार स्थगित, भारतने कहा, अवैध धन भेजा जा रहा !!


अप्रैल १८, २०१९

भारत शासनने गुरुवार, १८ अप्रैलको पाकिस्तानके साथ जम्मू-कश्मीरमें सीमा पार व्यापार स्थगित करनेका निर्णय लिया है । शासनको निरन्तर ऐसी सूचनाएं मिल रही थीं कि पाककेद्वारा इस रास्तेका प्रयोग भारतमें शस्त्र, नकली मुद्रा और मादक औषधियोंको भेजनेके लिए किया जाता है । इसके अन्तर्गत यह पग उठाया गया । गृह मन्त्रालयकेद्वारा जारी की गई अधिसूचनामें कहा गया कि जम्मू-कश्मीरमें १९ अप्रैलसे सीमापार व्यापार नहीं किया जाएगा ।

ब्यौरेके अनुसार व्यापार पुनः आरम्भ किया जा सकता है । जम्मू-कश्मीर सीमापर होनेवाले व्यापारकेद्वारा सामान्य उपयोगके उत्पादोंका आदान-प्रदान होता है । सप्ताहमें चार दिन होनेवाला यह व्यापार ‘बार्टर सिस्टम और जीरो ड्यूटी’पर आधारित है । व्यापारके दो केन्द्र हैं । इनमें बारामूलाके उरी और सलामाबाद, पूंछका चक्कन-दा-बाग सम्मिलित है ।

यद्यपि ब्यौरेमें बताया गया कि सीमापर होनेवाले व्यापारका रूप अब परिवर्तित हो चुका है । अब इसकेद्वारा विदेशी वस्तुओंके साथ ही कुछ और क्षेत्रोंसे आनेवाले उत्पाद भी इस व्यापारका अंग बन चुके हैं । देशविरोधी शक्तियां इस रास्तेका उपयोग अवैध धन, शस्त्र और औषधियोंको सीमा पार भेजनेमें कर रहे हैं ।

पुलवामा आक्रमणके पश्चात भारत शासनने पाकिस्तानसे ‘एमएफएन’का स्थान वापस ले लिया था । इस मध्य भी शासनको व्यापारकेद्वारा अनैतिक गतिविधियोंके संचालनकी सूचनाएं मिल रही थीं । इसीके अन्तर्गत शासनने तत्काल प्रभावसे जम्मू-कश्मीरमें उपस्थित सलामाबाद और चक्कन-दा-बागसे व्यापारको स्थगित कर दिया है ।

 

“पाकिस्तान जो आए दिन भारतीय सैनिकोंको मार रहा है, भारतके विरुद्ध षडयन्त्र कर रहा है, भारतको तोडनेके प्रयासमें चीनके साथ मिलकर संलिप्त है और भारत व्यापार अभी तक उससे व्यापार कर रहा है, यह अवश्य ही लज्जाजनक है । पाकिस्तान आतंकी राष्ट्र है और आतंकी राष्ट्र भारतके लिए केवल नमक ही नहीं भेजेगा वरन भारतको नष्ट करनेके लिए नमकके साथ-साथ प्रत्येक वो सामग्री भेजेगा, जिससे भारतमें अस्थिरता उत्पन्न होगी; अतः ऐसे व्यापारका कोई लाभ नहीं है । भारत शासन पाकिस्तानसे सभी प्रकारका लेन-देन सदैवके लिए बन्द करें, इसीमें हमारा और हमारे रक्षाबलोंका हित निहीत है । ” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : भास्कर



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2017. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution