अक्तूबर २१, २०१८
‘आईएसआई’ दलालोंके सम्पर्कमें आया मेरठ कैंटमें तैनात फौजी कंचन सिंहपर सेनाके गोपनीय कोड रहस्योद्घाटित (लीक) करनेका भी आरोप सामने आ रहा है । सेनामें आठसे दस लोगोंको कोडमें सन्देश मिलते हैं । इन सबको मिलाकर डीकोड करते हैं तो पूरा संदेश बनता है । सूत्रोंके अनुसार यही कोड रहस्योद्घाटित हो रहे थे । माना जा रहा है कि इसीके चलते कई अन्य लोग भी इसमें हो सकते हैं । अर्थात इस प्रकरणमें कई अन्य लोग जांचके घेरेमें हैं ।
सैन्य सूत्रोंके अनुसार जवान कंचन सिंह पाकिस्तानको गुप्त सूचनाएं और कोडवर्ड भेजनेका कार्य कर रहा था । वह पाकिस्तानके चलभाष क्रमांकपर भी कई बार बात भी कर चुका था ! जानकारी यह भी मिली है कि पकडे गए जवानने ‘व्हॉट्सएप’केद्वारा सांकेतिक शब्द (कोडवर्ड) भेजे ! सेना गुप्तचर विभागको कई माह पूर्व ही इसके संकेत मिले तो वह दृष्टिमें आ गया ।
जवानपर पूर्ण रूपसे शंका होनेपर उसपर गत तीन माहसे दृष्टि रखी जा रही थी । साक्ष्य पक्का होनेके पश्चात उसे उठा लिया गया । सांकेतिक शब्द (सिग्नल) कोर सेनाका महत्वपूर्ण भाग होता है, जिसके पास सेनाकी सभी महत्वपूर्ण सूचनाएं उपलब्ध होती हैं । सेनाके सन्देश सांकेतिक शब्दोंमें (कोडवर्डमें) होते हैं और यह एक अधिकारी या जवानके पास न होकर कई अधिकारियों और जवानोंके सांकेतिक शब्दोंको एक कर पूर्ण किया जाता है । सूत्रोंके अनुसार पकडा गया जवान एकाकी यह कार्य नहीं कर सकता, उसके साथ आठसे दस लोग भी सम्मिलित हो सकते हैं ।
“यह तो देशद्रोह है, इसे तथाकथित प्रेम अथवा हनीट्रैप कैसे कह सकते हैं ! उचित दण्डका प्रावधान कर अन्योंके लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करें !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान
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