चार सहस्रका टीका साठ सहस्रमें बेचनेवाले डॉ. आमिरको बनाया गया बन्दी, ठगीके प्रकरणमें इमरान भी सम्मिलित
२३ अप्रैल, २०२१
इंदौरके मयूर चिकित्सालयमें दो चिकित्सकोंको बन्दी बनाया गया है । अंकिता यादवने अपनी बहनको उन दोनों चिकित्सकोंद्वारा लूटे जानेका आरोप लगाया । अंकिताकी बहनको कोरोनासे सङक्रमित होनेपर मयूर चिकित्सालयमें प्रविष्ट करवाया गया था, जहांपर चिकित्सकने उसे एक विशेष टीका क्रय करनेके लिए लिखकर दिया । वहींपर डॉ. आमिरके साथी इमरानने उसी टीकेको उपलब्ध करानेकी बात कही और साठ सहस्र रुपए लेकर रोगीको छद्म ‘बिल’ दे दिया । शङ्का होनेपर अंकिता यादवने चिकित्सकसे उस ‘बिल’पर हस्ताक्षर मांगे तो उसने हस्ताक्षर देनेसे मना कर दिया । जांच करनेपर, नकली ‘बिल’पर इमरानका दूरभाष क्रमांक पाया गया । दोनों ही एक लम्बे समयसे इसी प्रकार ठगीकर लोगोंको लूटते रहे हैं । उससे पूर्व डॉ. आमिर अपना एक व्यक्तिगत चिकित्सालय चलाता था, तब भी उसके विरुद्ध इसी प्रकार परिवाद प्रविष्ट हुआ था ।
कोरोना सङक्रमित रोगियोंको जहां चिकित्सकोंसे सुरक्षा अपेक्षित होती है, वहीं वे देशद्रोही चिकित्सक अपने लाभके लिए रोगियोंको लूटनेके अवसरसे नहीं चूकते । ऐसे अपराधी दण्ड पानेके साथ-साथ सेवासे निष्कासित किए जानेके पात्र हैं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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