‘आइएसअआइ’के भीरुओंका मुगलिया षडयन्त्र, कश्मीरमें सुरक्षाबलोंके राशनमें विष मिलानेका षडयन्त्र रचा !!


मार्च २, २०१९


पुलवामा आक्रमणके पश्चात भारत-पाकिस्तानके सम्बन्ध निरन्तर तनावग्रस्त हैं । इसी मध्य आतंकी संगठनोंकी सहायताके लिए पाकिस्तानी गुप्तचर विभाग ‘आइएसआइ’का (इंटर-सर्विसेस इंटेलिजेंस) भयावह षडयन्त्र उजागर हुआ है । इसके अन्तर्गत कश्मीरमें तैनात भारतीय सैनिकोंको उनके भोजनमें विष देकर मारना सम्मिलित है । पाकिस्तानका यह षडयन्त्र जम्मू-कश्मीरके आपराधिक जांच विभागद्वारा जारी एक नोटसे उजागर हुआ ।

इसमें कहा गया है कि कश्मीरमें एमआइ (मिलेट्री इंटेलीजेंस) और ‘आइएसआइ’के लोग राशनमें विष मिलानेकी योजना बना रहे हैं ।

जानकारीके अनुसार, जम्मू-कश्मीर सरकारने सुरक्षाकर्मियोंके राशनकी देखभाल करनेके लिए आवश्यक उपाय किए हैं । साथ ही, कश्मीरमें तैनात सभी सुरक्षा बलोंको चेतावनी जारी कर दी गई है ।


इसके अतिरिक्त समाणार यह भी है कि भारतकी ओरसे की गई एयरस्ट्राइक, जिसमें आतंकियोंके स्थल नष्ट कर दिए गए थे, उससे पाकिस्तान बाहर नहीं आ सका है; इसलिए गुप्तचर विभाग ‘आइएसआइ’ने आतंकियोंके लिए ‘करो या मरो’का आदेश जारी कर दिया है । पाकिस्तानने ‘जैश-ए-मोहम्मद’, ‘लश्कर-ए-तैयबा’ और ‘हिज्बुलल मुजाहिदीन’ जैसे आतंकवादी संगठनोंको आक्रमण करनेका आदेश दिया है । ऐसी आशंका प्रकट की जा रही है कि भारतके भिन्न-भिन्न नगरोंमें आत्मघाती आक्रमण और बम विस्फोटकी योजना बनाई है ।  

पाकिस्तानी विमानोंने आतंकी शिविरोंके विरुद्घ हवाई आक्रमणके उत्तरमें भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानोंपर आक्रमणका प्रयास किया था । नियन्त्रण रेखापर तनाव बढ गया है और साथ ही कई ऐसे समाचिर भी उजागर हुए हैं, जो सीमाके दोनों ओरसे भारी गोलाबारीका संकेत देते हैं ।

 

“जब सामनेसे नहीं विजयी हो सकते हैं तो भीरुओंकी भांति वही कृत्य कर रहे हैं, जो इनके पूर्वज मुगलोंने किए थे । मुगल भी ऐसे ही भीरुओंकी भांति विष आदि मिलाकर पीछेसे ही आक्रमण करते थे । इससे स्पष्ट होता है कि समयकी पुनरावृत्ति होती है और केवल हिन्दुओंका देखनेका दृष्टिकोण परिवर्तित हो गया है; परन्तु इस्लामिक आक्रान्ता वहीं हैं, उनका उद्देश्य भी वही जिहाद ही है ! शासन सतर्क हो इसकी देखरेख करें; क्योंकि भीरुओंसे वीरतापूर्ण आक्रमणकी आशा नहीं रखनी चाहिए । उनके प्रत्येक प्रकारके छलको भांपकर शासन सतर्कता हेतु सभी पग उठाए !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : ऑप इण्डिया



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