जम्मू और कश्मीरमें मन्दिरोंपर आक्रमणके षड्यन्त्र, रात्रिमें दृष्टिगत हुए ३ ‘ड्रोन’, चेतावनी जारी
३१ जुलाई, २०२१
गुप्तचर विभागसे सूचना मिलनेके पश्चात जम्मूमें गम्भीर चेतावनी जारी कर दी गई है । बताया जा रहा है कि पाकिस्तान समर्थित आतङ्की सङ्गठनों ‘जैश-ए-मोहम्मद’ और ‘लश्कर-ए-तैयबा’द्वारा साम्प्रदायिक तनाव फैलानेके लिए मन्दिरोंपर आक्रमणकी योजना बना रहे हैं । तनावकी आशङ्काके चलते नगरमें सुरक्षा बढा दी गई है ।
समाचारके अनुसार, आतङ्कवादी सङ्गठन आगामी ५ अगस्तको जम्मूमें मन्दिरोंको लक्ष्य बनानेका प्रयासकर सकते हैं । विदित हो कि २ वर्ष पूर्व ५ अगस्तके दिन ही अनुच्छेद ३७० के प्रावधानोंको निरस्त कर दिया गया था । इसके अतिरिक्त, इस १५ अगस्तको स्वतन्त्रता दिवसके दिन भी कट्टरपन्थी सङ्गठन किसी आतङ्की घटनाको घटित करनेकी योजना बना सकते हैं ।
पाकिस्तान एक ऐसा आतंकी देश है, जो भारतसे सीधे युद्ध न विगतमें कभी जीत पाया और न ही भविष्यमें जीत सकता है; अत: वह सदैव आतङ्की सङ्गठनोंको सहयोग देकर एवं सीधे भी अपनी सेनाको आतङ्की घटनाओंमें संलिप्त रखता है । भारतको चाहिए कि स्थायी शान्ति और सर्वाङ्गीण विकासके लिए वह सदैव पाकिस्तान जैसे शत्रु देशोंसे सावधान रहे और जब भी अनूकूल अवसर प्राप्त हो तो ऐसे पडोसी शत्रुको सदैवके लिए मानचित्रसे हटा ही दे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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