आईएसजेकेसे जुडा एहतेशाम बिलाल श्रीनगरसे बन्दी बनाया गया, शारदा विश्वविद्यालयसे हुआ था लापता


दिसम्बर २, २०१८

उत्तर प्रदेशके ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा विश्वविद्यालयसे लापता होकर आईएसजेकेमें सम्मिलित होने वाला अभियान्त्रिकी छात्र एहतेशाम बिलाल परिवार वालोंकी विनतीपर रविवार, २ दिसम्बरको घर वापस आ गया । बिलालके पिताने दावा किया कि उसका पुत्र घर लौट आया है, परन्तु पुलिसने उसके घर आनेकी जानकारीपर  खान्यार स्थित आवाससे उसे बन्दी बना लिया है । उसे रक्त निकल रहा था, उसकी चिकिसा करनी चाहिए थी ।


पुलिसने बिलालको बन्दी बनानेसे मना करते हुए कहा कि उसे चिकित्साके लिए सुरक्षित स्थानपर ले जाया गया है । पुलिस युवाके परिवार वालोंकी सहायता कर रही है । उसके विरुद्घ कोई अभियोग प्रविष्ट नहीं है । उसे केवल चिकित्सिय सहायताके लिए लाया गया गया है । परिवारके सदस्य भी साथ हैं ।

पुलिसने इस सम्बन्धमें दो ट्वीट कर दावा किया है कि परिवारवालोंके सहयोगसे पुलिस एक युवाको मुख्य धारामें लानेमें सफल रही है, परन्तु वह इस युवकके नामका खुलासा नहीं करेगी । एक अन्य ट्वीटमें प्रकरणकी गम्भीरताको देखते हुए उसका नाम न जारी करनेका अनुरोध किया गया है ।


एहतेशामके परिवारवालोंकी स्थानीय समाचारपत्रमें हाथ जोडे हुए घर वापस आनेकी विनती छपी थी । इसमें कहा गया था कि अपने अभिभावकोंको कंधा देनेके लिए घर लौट आए । उसके पिताने आतंकी संगठनोंसे भी उसके पुत्रको लौटानेकी विनती की थी । कहा था, वह परिवारका एकमात्र पुत्र है । एहतेशामके पिता बिलाल सोफीने कहा था कि तुम कहा करते थे कि जन्नत अभिभावकोंके चरणोंमें है तो फिर लौट आओ और पुनः हम सबके साथ रहो । माना जा रहा है कि इससे प्रभावित होकर वह घर लौटा है ।

डाउनटाउनके खान्यारका रहने वाला एहतेशाम २८ अक्तूबरको ग्रेटर नोयडा स्थित शारदा विश्वविद्यालयके छात्रावाससे लापता हो गया था । छात्रावा प्रशासनको उसने अपने घर जानेकी बात कही थी, जबकि पितासे चलभाषपर वार्तामें घूमने जानेकी बात कही थी । यह घटना भारतीय व अफगानी छात्रोंके मध्य मारपीटके एक माह पश्चात की है । इसमें उसे अफगानी छात्र समझकर पीट दिया गया था ।

 

स्रोत : अमर उजाला



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