हिन्दू महिलाओंको लक्ष्यकर बने ‘टेलीग्राम चैनल’को ‘आईटी’ मन्त्री अश्विनी वैष्णवने करवाया प्रतिबन्धित, मुंबई ‘पुलिस’ने नहीं दिया उत्तर
०५ जनवरी, २०२२
हिन्दू महिलाओंको लक्ष्य बनानेके लिए ‘टेलीग्राम’पर बनाए गए ‘चैनल’पर देशके ‘आईटी’ मन्त्री अश्विनी वैष्णवने कार्यवाही करते हुए उसे प्रतिबन्धित करवा दिया है । इस ‘चैनल’के विरुद्ध ‘ट्विटर’के सक्रिय ‘यूजर’ अंशुल सक्सेनाने स्वर उठाया था । अंशुलने मुंबई ‘पुलिस’को ‘टैग’ करते हुए प्रश्न किया था कि ऐसे ‘प्लेटफॉर्म’के विरुद्ध कार्यवाही क्यों नहीं होती ? उनके पश्चात अनेक और ‘यूजर्स’ने इस प्रकारके ‘चैनल’की उपस्थितिपर स्वर उठाया और प्रश्न पूछे । यद्यपि, इस मध्य मुंबई ‘पुलिस’का अंशुलके ‘ट्वीट’पर कोई उत्तर नहीं आया, जिन्हें ‘टैग’ करके प्रश्न पूछा गया था । उनके स्थानपर ‘आईटी’ मन्त्रीने इसपर कार्यवाही की ।
‘आईटी’ मन्त्रीने ‘ट्वीट’कर कहा, “चैनलको प्रतिबन्धित कर दिया गया है । भारत शासन कार्यवाहीके लिए राज्योंके ‘पुलिस’ अधिकारियोंके साथ सहयोग कर रही है ।”
विचारणीय है कि हिन्दू महिलाओंके विरुद्ध ‘सोशल मीडिया’पर बनाए गए ऐसे ‘चैनल्स’के विषयमें पता चलनेसे पूर्व, ४ जनवरीको मुंबई ‘पुलिस’ने मुसलमान महिलाओंके चित्रोंको साझा करनेवाली ‘बुल्ली बाई’ नामकी ‘ऐप’ बनानेके आरोपमें २१ वर्षके विशाल और १८ वर्षकी लडकी श्वेताको बन्दी बनाया था ।
मुंबई ‘पुलिस’का यह दोहरा चरित्र शंकाके घेरेमें है । मुंबई प्रशासनको गत प्रकरणसे सीख लेकर त्वरित कार्यवाही करनी चाहिए थी, जो उसने नहीं की; अतः अंशुल जैसे जाग्रत हिन्दूकी भांति अन्य सभी हिन्दू भी स्वर मुखरितकर प्रशासनपर दबाव बनाएं ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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