जैन मुनि तरुण सागरका देहावसन, ‘कडवे प्रवचनों’के लिए प्रसिद्ध थे ।


सितम्बर १, २०१८

जैन मुनि सन्त तरुण सागरका ५१ वर्षकी आयुमें देहावसन हो गया ! उनकी स्थिति पिछगतले दो दिवसोंसे गम्भीर बनी हुई थी । गत २० दिवसों से दिल्लीके ‘मैक्स’में भर्ती रहे सन्त तरुण सागरको पीलिया था; लेकिन उन्होंने चिकित्सा कराने से मना कर दिया था, जिसके पश्चात उन्होंने राधापुरी जैन मन्दिर चातुर्मास जानेका निर्णय किया था ।

तरुण सागर अपने कडवे प्रवचनोंके लिए प्रसिद्ध थे । इसी कारण उन्हें क्रान्तिकारी सन्त भी कहा जाता था । जैन मुनि तरुण सागर प्रवचनके अतिरिक्त अपने कई वक्तव्योंको लेकर विवादमें रहे थे ।

देशमें ही हैं द्रोही
‘तीन तलाक’के प्रकरणपर १० अगस्तको उन्होंने वक्तव्य दिया था । उन्होंने कहा था कि जो लोग मुस्लिम महिलाओंके कल्याणका दावा कर रहे हैं, वह केवल दिखावा है । ऐसे नेताओं या दलोंको महिलाओंके अधिकारोंसे कोई लेना-देना नहीं है, वह अपनी राजनीति कर रहे हैं । इसीके साथ जैन मुनिने आतंकवादपर वक्तव्य देते हुए कहा था कि जितने आतंकवादी पाकिस्तानमें नहीं हैं, उससे अधिक विद्रोही हमारे देशमें हैं !; इसलिए उन्हें चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्यवाही करनी चाहिए, ताकि आन्तरिक आतंकवाद समाप्त हो सके ।

भारत बन जाएगा दूसरा पाकिस्तान
जैन मुनिने ‘लव जिहाद’को मुसलमानोंका षडयन्त्र बताते हुए कहा था कि झूठे प्रेमके नामपर हिन्दू लडकियोंको मुसलमान बनाया जा रहा है ! उन्होंने कहा था कि यदि इसे नहीं रोका गया तो कुछ दिवसोंमें भारत दूसरा पाकिस्तान बन जाएगा । इसीके साथ मुसलमानोंकी जनसंख्या पर भी तरुण सागरने कहा था कि मुस्लिमोंकी जनसंख्या देशके लिए संकट है ।

रावण नहीं दुष्कर्मी बाबाओंके पुतले जलाएं
तरुण सागरने दशहरेपर रावणके स्थानपर दुष्कर्मी बाबाओंके पुतले जलानेकी बात भी कही थी । जैन मुनिने कहा था कि दशहरा तभी सार्थक होगा, जब हम सब एक साथ मिलकर इन फर्जी बाबोंके विरुद्ध खडे हो जाएंगे । जिन बाबाओंपर दुष्कर्मके आरोप सिद्ध हो गए हैं, उन सभीका पुतला बनाकर दशहरेपर दहन करना चाहिए, जिससे सामाजमें एक सन्देश जा सके ।

मध्य प्रदेशमें हुआ था जन्म
जैन मुनि तरुण सागर अपने प्रवचनके लिए प्रसिद्ध थे । मध्य प्रदेशमें जन्में जैन मुनि तरुण सागरका असली नाम पवन कुमार जैन था । उनका जन्म १९६७ में ग्राम गुहजी, जिला दमोह, राज्य मध्य प्रदेशमें हुआ था । कहा जाता है कि उन्होंने १९८१ में घर छोड दिया था, जिसके पश्चात उनकी शिक्षा दीक्षा छत्तीसगढमें हुई थी ।

स्रोत : जी न्यूज



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