जयपुरके एक चिकित्सालयमें ‘कोरोना’से नहीं; अपितु स्वच्छताके अभावमें ‘वेंटिलेटर’पर २० दिवसमें ४४२ मृत्यु
२३ मई, २०२१
‘कोरोना’की दूसरी लहर जहां समूचे राष्ट्रमें तीव्रतासे संक्रमण फैला रही है, वहीं राजस्थानसे निरन्तर असावधानी बरतनेके समाचार सामने आ रहे हैं ।
राजधानी जयपुरमें प्रदेशके सबसे बडे ‘कोविड’ चिकित्सालय ‘आरयूएचएस’में मात्र २० दिवसके भीतर ‘वेंटिलेटर’पर ४४२ लोगोंकी मृत्यु हो गई । आपको जानकर विस्मय होगा कि इनकी मृत्यु ‘कोविड’से नहीं; अपितु ‘एंडोट्रिकियल’ नलीमें स्वच्छताके अभावमें हुए संक्रमणके कारणसे हुई है । इस’ नलीकी स्वच्छता दिनमें ५-६ बार होनी चाहिए; किन्तु यहांपर उसे दो दिनमें ३ बार ही स्वच्छ किया जा रहा है ।
राजस्थानमें कांग्रेसके नेतृत्ववाला शासन है और इसके मुख्यमन्त्री अशोक गहलोत कह चुके हैं कि राज्यकी ७ करोड जनतातक कोई मन्त्री नहीं पहुंच सकता, न विधायक पहुंच सकता है और न ‘सरकार’ ही पहुंच सकती है । किसीके पास कोरोनाका कोई उपचार नहीं है, केवल लोगोंके हाथमें इसका उपचार है । ऐसा कहनेवाला मुख्यमन्त्री एक चिकित्सालयतकका कुशल प्रबन्ध नहीं करवा पा रहा है, इन्हें तत्काल पदच्युत किया जाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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