मार्च २२, २०१९
पुलवामा आक्रमणकी जांचमें जुटे सुरक्षाकर्मियोंके हाथ कल एक बडी सफलता लगी है । गुरुवार २१ मार्चको देहली पुलिस विशेष विभागने जैश-ए-मोहम्मदके आतंकी सज्जाद खानको बन्दी बनाया है । सज्जाद पुलवामा आक्रमणके ‘मास्टरमाइंड’ मुदस्सिरका निकटतम सहयोगी था, जिसे इस माहके आरम्भमें मार दिया गया था ।
जानकारीके अनुसार, आतंकी, २७ वर्षीय सज्जाद खान जम्मू-कश्मीरके पुलवामाका ही रहने वाला था । देहली ‘पुलिस’ने इसे गुरुवारको लाजपत नगर ‘मार्केट’के पाससे बन्दी बनाया है । सज्जादका नाम ‘एनआईए’की ‘मोस्ट वांटेड’ आतंकियोंकी सूचीमें सम्मिलित है। ‘स्पेशल सेल’के ‘डिप्टी कमिश्नर’ प्रमोद सिंह कुशवाहाने बताया सज्जादको मुदस्सिरद्वारा देहलीमें एक ‘स्लीपर सेल’ बनानेका कार्य सौंपा गया था ।
यहां बता दें कि’ सीआरपीएफ’के जवानोंपर आतंकी आक्रमण का षड्यंत्र रचनेवाले आतंकी मुदस्सिर अहमदको ११ मार्चको त्राल क्षेत्रमें हुई मुठभेडमें मार गिराया जा चुका है। प्रसारवाहिनियोंके समाचार अनुसार, सज्जाद देहलीमें शॉल विक्रेता बनकर छिपा हुआ था। ‘एनआईए’ने भी इसकी ‘एक्टिविटी’के बारेमें ‘इनपुट’ दिया था।
जांचमें उद्घाटित हुआ है कि सज्जादके २ भाई भी जैश-ए-मोहम्मदके सदस्य थे, जिन्हें सुरक्षाबलोंने मुठभेडमें (एनकाउंटर) मार गिराया । सज्जादने पूछताछमें यह भी बताया कि पाकिस्तानी आतंकी यासिर और पुलवामा आक्रमणका ‘मास्टरमाइंड’ मुदस्सिर नकली (फर्जी) क्रमांकोंकी सहायतासे उससे एक ‘एप्प’के.माध्यमसे बात किया करते थे।
‘खुफिया एजेंसियों’को इसके ‘इनपुट’ मिले थे कि जैशके आतंकी देहलीमें बडा आक्रमण करनेकी सोच रहे हैं। अब ऐसेमें इस गिरफ्तारीसे यह बात तो पक्की हो गई है कि वह निस्संदेह देहलीमें छिपकर किसी आक्रमणकी तैयारीमें थे ।
स्रोत : ऑप इण्डिया
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