अप्रैल २९, २०१९
पुलिसने सोमवार, २९ अप्रैलको दक्षिण कश्मीरके अवंतीपोरामें सक्रिय ‘जैश-ए-मुुहम्मद’के चार सदस्यीय ‘मॉड्यूल’को ध्वस्त करते हुए चारोंको बन्दी करनेका दावा किया है । पकडे गए आतंकियोंके पाससे एक-एक पिस्तौल, दो मैगजीन, आठ कारतूस, एक ग्रेनेड और आइईडी बनानेका सामान भी अधिकृत किया गया है । यह मॉड्यूल जैशके पाकिस्तानी कमांडर खालिद और उमरके लिए कार्य करता था !
पुलिस प्रवक्ताने बताया कि यही ‘मॉड्यूल’ डीएसपी अवंतीपोराके घरपर गत तीन मार्चको ग्रेनेडसे आक्रमण करने और नौपोरा त्रालमें नसीर अहमद नामक नागरिकपर आक्रमणमें सम्मिलित था । इसके अतिरिक्त इसीकी दो युवकोंको ‘जैश-ए-मुुहम्मद’में सम्मिलित करनेमें महत्त्वपूर्ण भूमिका थी । ‘जैश’में सम्मिलित होनेवाले इन दो युवकोंमें एक जोवीस्तान त्रालका और दूसरा नगीनपोरा त्रालका रहनेवाला है ।
डीएसपीने बताया कि अमलर त्रालके रहनेवाले मुर्तजाके बारेमें सूचना मिली । इसके पश्चात पुलिसने तुरन्त मुर्तजाको बन्दी बनाकर उससे एक पिस्तौल, दो मैगजीन और आठ कारतूस अधिकृत किए । पूछताछमें मुर्तजाने आकिबका नाम लिया, जिसके पश्चात पुलिसने आकिबको भी बन्दी बना लिया । मुर्तजा और आकिबने बताया कि वह अपने एक परिचितके माध्यमसे त्राल-अवंतीपोरामें सक्रिय ‘जैश-ए-मुुहम्मद’के पाकिस्तानी कमांडर खालिद भाईके सम्पर्कमें आए थे । इसके पश्चात दोनों खालिदके लिए कार्य करने लगे । खालिदके साथ एक और पाकिस्तानी आतंकी उमर भाई भी उन्हें कार्यवाहीके लिए निर्देश देता था ।
खालिद और उमरके कहनेपर ही मुर्तजा और आकिबने जैशके आतंकियोंके लिए सुरक्षित स्थानकी व्यवस्था करनेके अतिरिक्त उनके शस्त्र एक स्थानसे दूसरे स्थान सुरक्षित पहुंचानेका भी कार्य आरम्भ कर दिया । मुर्तजा और आकिबने बताया कि उमर और खालिदके कहनेपर ही उन्होंने नौपोरा त्रालके रहनेवाले नसीर अहमदपर आक्रमण कराया था । आक्रमणमें लिप्त आतंकियोंके लिए इन्हीं दोनोंने वाहनकी भी व्यवस्था भी की थी । इसके अतिरिक्त जैशके पाकिस्तानी कमांडरोंके कहनेपर ही मुर्तजा और आकिबने एक आइईडी भी सज्ज की । यह आइईडी अमलर, नौपोरा स्थित शासकीय विद्यालयोंमें कुछ दिवस रखी गई ।
गत माह दो मार्चकी रात्रि वर्षाके समय आइईडीमें शार्ट सर्किट होनेसे विस्फोट हो गया था, यद्यपि इसमें किसी प्रकारकी हानि नहीं हुई थी । आइईडी विस्फोटका षडयन्त्र असफल होनेपर ही मुर्तजा और आकिबने जैश कमांडर खालिदके कहनेपर तीन मार्चकी रात डीएसपी अवंतीपोराके घरपर ग्रेनेडसे आक्रमण किया था ।
प्रवक्ताने बताया कि इन दोनोंके अतिरिक्त गडलीखल अवंतीपोराका रहनेवाला इरफान उल हक भी खालिदद्वारा बनाए गए जैशके मॉड्यूलके लिए काम कर रहा था । उसने अवंतीपोरा स्थित सीआरपीएफ शिविरपर ग्रेनेडसे आक्रमण किया था । इसके अतिरिक्त वह कुछ व्हाट्सएप गुट भी संचालित कर रहा था, जिनमें देश-विदेशमें सक्रिय कई राष्ट्रविरोधी तत्त्व भी सम्मिलित थे । चौथे सदस्यका नाम गुप्त रखते हुए पुलिस प्रवक्ताने बताया कि उससे अभी पूछताछ चल रही है ।
“पाकिस्तान दावा करता है कि वह आतंकको नष्ट कर रहा है और यहां आतंकके समूह पाकिस्तानसे संचालित हो रहे हैं, इसीसे आतंकी राष्ट्र पाकिस्तानकी गम्भीरता ज्ञात होती है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जागरण
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