जलियांवाला बागके पुर्ननिर्माण व लोकार्पणपर कांग्रेस व वामपन्थ दलोंके लोगोंने की प्रतिक्रिया व्यक्त
३१ अगस्त, २०२१
भारतके इतिहासमें एक दुःखद (काले) अध्यायके रूपमें प्रविष्ट जलियांवाला बाग स्मारकके नूतन स्वरूपको लेकर विपक्षी दलोंके साथ-साथ वामपन्थियोंने विवाद खडा कर दिया है । प्रधानमन्त्री मोदीद्वारा शनिवार, २८ अगस्तको जलियांवाला बागके परिसरकी पुनर्निर्मित व स्मारक स्थलपर विकसित चार संग्रहालय दीर्घाओंका भी लोकार्पण किया गया है । जबकि इस उद्घाटन सत्रमें पंजाबके मुख्यमन्त्री अमरिंदर सिंह भी उपस्थित थे ।
जहां केन्द्र शासनके इस पगकी व्यापक स्तरपर सराहना हो रही थी, वहीं वामपन्थसे सम्बन्धित लोगों जॉय दास, इरफान हबीब, सीताराम येचुरी सहित विपक्षी नेताओं और कांग्रेससे जुडे लोगोंने सामाजिक जालस्थलपर केन्द्र शासनके विरुद्ध ऐतिहासिक धरोहरोंसे छेडछाड करनेका आरोप लगाया है, जबकि पंजाबके मुख्यमन्त्रीने जलियांवाला बागमें हुए नूतन परिवर्तनकी स्तुति की है ।
जिन दलोंने भारतीय राजनीति, समाज, इतिहास व संस्कृतिके प्रति विषवमनकर उसे सैदवसे ही विभाजित व विकृतकर शासन किया हो, उनके लिए ऐतिहासिक स्थलोंका पुनर्निर्माण व भव्य लोकार्पणका महत्त्व शून्य है । ऐसे लोगोंका विरोध किया जाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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