जामियाके देहली उपद्रवोंका आरोपी आसिफ इकबाल तन्हाने किया ‘तालिबान’ शासनका समर्थन  


१६ अगस्त, २०२१ 
     जामिया मिलिया इस्लामियाका छात्र और देहली उपद्रवोंका आरोपी आसिफ इकबाल तन्हा अफगानिस्तानमें ‘तालिबानी’ शासनका सार्वजनिक रूपसे समर्थनकर रहा है । ‘ट्विटर स्पेस’पर उसने अशरफ गनीके पदत्याग और ‘इस्लामिक एमिरेट ऑफ अफगानिस्तान’ (‘तालिबान’का शासन) स्थापित होनेका समर्थन किया है । आपत्तिजनक ‘पोस्ट’ करनेके अपराधमें देहलीसे उसे बन्दी बना लिया गया है । उसके विरुद्ध ‘आईटी एक्ट’के अधिनियम २९५ ‘ए’ , २९५ ‘बी’, ६६ , ६७ के अन्तर्गत प्रकरण प्रविष्ट किया गया है । देहली ‘पुलिस’की ‘स्पेशल सेल’को दिए गए अपने वक्तव्यमें इकबालने स्वीकार किया था कि वह भारतका इस्लामीकरण करना चाहता है । पूर्वमें उसने ‘जिन्नाके नारे’का उपयोग ‘सीएए’ विरोधी उपद्रवोंके मध्य किया था । फरवरी २०२० में पूर्वोत्तर देहलीमें हुए हिन्दू विरोधी उपद्रवोंके षड्यन्त्रकर्ताके रूपमें इकबालको ‘UAPA’के अन्तर्गत बन्दी बना लिया गया था ।
     भारतमें जिहादी सदैव आतङ्कियोंका समर्थन ही क्यों करते हैं ? सर्वधर्मसमभाववाले इसपर विचार करें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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