जम्मू-कश्मीरमें ‘जमात’से जुडे ३०० विद्यालय बन्द करनेका आदेश, शासकीय विद्यालयोंमें होगा ११००० छात्रोंका प्रवेश : ‘फलाह-ए-आम’पर ‘कसा शिकंजा’


१५ जून, २०२२
      जम्मू-कश्मीर प्रशासनने ‘जमात-ए-इस्लामी’से जुडे ‘फलाह-ए-आम ट्रस्ट’की ओरसे चलाए जा रहे सभी विद्यालयोंको बन्द करानेका आदेश दिया है । प्रशासनने कहा है कि ये सभी विद्यालय प्रशासनकी ‘देखरेख’में १५ दिनके भीतर ‘सील’ किए जाएंगे । इनमें पढ रहे ११००० छात्रोंको पासके शासकीय विद्यालयोंमें ‘एडमिशन’ दिया जाएगा ।
      १९९० के एक आदेशका उदाहरण देते हुए केन्द्र शासित प्रदेशके प्रशासनने कहा कि इन प्रतिबन्धित संगठनोंमें कोई नूतन ‘भर्ती’ नहीं होगी और न ही कोई पंजीकरण किया जाएगा । ये विद्यालय शासनद्वारा पंजीकृत नहीं हैं, इस बातको सार्वजनिक जनपद और ‘जोनल लेवल’के शिक्षा अधिकारीद्वारा किया गया ।
     प्रमुख सचिव (शिक्षा) बीके सिंहद्वारा जारी शासकीय आदेशमें कहा गया कि जम्मू-कश्मीरने ‘फलाह-ए-आम ट्रस्ट’के विद्यालयोंपर तत्काल प्रभावसे प्रतिबन्ध लगा दिए हैं । बता दें कि ‘फलाह-ए-आम’को ‘जमात-ए-इस्लामी’द्वारा १९७२ में स्थापित किया गया था । ये न्यास (ट्रस्ट) समूचे प्रदेशमें ३२३ से अधिक विद्यालय कश्मीरमें और जम्मूके कुछ क्षेत्रोंमें चलाता है । विद्यालयोंमें सहस्रों छात्र पढते हैं । अब इन प्रतिबन्धित संस्थानोंमें पढनेवाले बच्चोंको पासके विद्यालयोंमें शिक्षा पूर्ण करनेके लिए भेजा जाएग ।
     केन्द्र शासनका यह निर्णय प्रशंसनीय है । इसी प्रकार देशमें जितने भी जमातसे जुडे विद्यालय है; उन्हें त्वरित बन्द करके शासकीय विद्यालयोंमें परिवर्तित करना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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