जनवरी २१, २०१९
जम्मू-कश्मीरके राज्यपाल सत्यपाल मलिकने गणतन्त्र दिवसके कार्यक्रममें सभी शासकीय कर्मचारियोंके भाग लेनेके आदेश दिए हैं । आदेशके अनुसार, गणतन्त्र दिवसके अवसरपर श्रीनगरके ‘शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम’में आयोजित समारोहमें भाग लेना आवश्यक होगा । साथ ही इस आदेशमें यह भी कहा गया है कि यदि कोई शासकीय कर्मचारी समारोहमें भाग नहीं लेता है तो उसे शासनके कर्तव्योंका उल्लघंन माना जाएगा । यह आदेश उन कर्मचारियों या अधिकारियोंके लिए है, जो गणतन्त्र दिवसके अवसरपर श्रीनगरमें उपस्थित रहेंगें ।
गणतन्त्र दिवसके अवसरपर सम्भवतः ऐसा प्रथम बार हुआ है, जब शेर-ए-कश्मीर स्टेडियममें आयोजित होनेवाले समारोहको लेकर इसप्रकारकी अधिसूचना जारी की गई है । वहीं इस अधिसूचनाको लेकर प्रश्न किए जाने लगे हैं । इस आदेशकी कुछ राजनैतिक दलोंने कथित रूपसे आलोचना करते हुए कहा हैं कि यह राष्ट्रवाद थोपने जैसा हैं ।
जबकि राज्यपाल सत्यपाल मलिकने कहा, “जो आदेश हैं, वो कुछ भी अनुचित नहीं है और मैं इनके साथ हूं । ये आदेश कोई नूतन नहीं है । प्रत्येक वर्ष यही आदेश शासकीय कर्मचारियोंको जाता रहा है, इसमें कहीं कोई राष्ट्रवाद थोपनेकी बात नहीं है ।”
“देशके प्रति सम्मानकी भावना प्रत्येक नागरिकका कर्त्तव्य है, फिर वह जम्मू-कश्मीरका हो अथवा कन्याकुमारीका और इसमें कही अपवाद भी नहीं है और जो शासकीय चाकरी करते हुए भी राष्ट्रकी अवमानना करे तो वह निश्चय ही दण्डका पात्र है । किसीको राष्ट्रकी अवमाननाकी स्वतन्त्रता किसीभी स्थितिमें नहीं दी जा सकती है, यह सभी राजनीतिक दलोंने ध्यान रखना चाहिए और जो इसका पालन न कर सके, उसे यहां रहनेका भी अधिकार नहीं है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : ईपोस्टमोर्टम
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