जम्मू-कश्मीरमें निर्मित होगा भव्य भगवान वेंकटेश्वर मन्दिर, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानमको ६२ एकड भूमि अनुबन्धपर देनेके प्रस्तावको सहमति 


०२ अप्रैल, २०२१
    जम्मू-कश्मीरके उपराज्यपाल मनोज सिन्हाकी अध्यक्षतामें हुई एक बैठकमें श्रीनगरमें तिरुमाला तिरुपति देवस्थानमको वेंकटेश मन्दिर निर्माण तथा अन्य सुविधाओं हेतु लगभग ६२ एकड भूमि ४० वर्ष हेतु ‘पट्टे’पर देनेके प्रस्तावको सहमति प्रदान की गई । इसपर मन्दिरके संग ही वेद पाठशाला, आध्यात्मिक केन्द्र और आवास हेतु सुविधाओंका निर्माण तिरुपति देवस्थानमकी ओरसे किया जाएगा । निकट भविष्यमें स्वास्थ्य तथा शिक्षा सुविधाओंका निर्माण भी यहां किया जाएगा । इसका उद्देश्य जम्मू-कश्मीर पर्यटनमें वृद्धि करवाना है । यह मन्दिर तिरुपति देवस्थानकी प्रतिकृति होगा । जम्मूमें बाबा अमरनाथ, वैष्णोदेवीके समान यह मन्दिर भी श्रद्धालुओंकी आस्थाका केन्द्र बन सकता है । तिरुपति देवस्थानमद्वारा भगवान वेंकटेशका भव्य मन्दिर वाराणसी तथा मुम्बईमें भी निर्मित करवानेकी योजना है । चेन्नई, विशाखापट्टनम तथा भुवनेश्वरमें मन्दिर निर्माण हो रहा है । भाग्यनगर, कुरुक्षेत्र तथा कन्याकुमारीमें ऐसे देवालय निर्मित हो चुके हैं ।
      विशेषकर जम्मू-कश्मीरमें वेंकटेश्वर देवस्थानका निर्माणका समाचार स्वागतयोग्य है । स्मरण रहे कि पिछले २०से २५ वर्षोंमें कश्मीरके लगभग एक सहस्र छोटे-बडे देवस्थान नष्ट किए गए हैं । श्रीनगरमें ३७१ ईसा पूर्व निर्मित शिव मन्दिर जिसे शंकराचार्य मन्दिर कहा जाता रहा, उसका भी नाम परिवर्तित करके ‘तख्त-ए-सुलेमान’ कर दिया गया था । शंकराचार्य पर्वतका भी नाम परिवर्तित किया गया था । हिन्दुओंको वहांसे अत्याचार करके भगा दिया गया था । हिन्दू धर्मको वहांके जनमानसमें पुनर्स्थापित करने हेतु ऐसे निर्माण करना अत्यावश्यक हैं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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