जून २८, २०१८
नेताओंने जहां एक ओर भारतकी धर्मनिरपेक्ष छविको बचाए और बनाए रखनेके लिए सम्पूर्ण शक्तिको, कई सत्यके प्रत्यक्ष रूपसे सामने आनेके बाद भी लगा दिया, वहीं कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो इन नेताओंके सभी प्रयासोंको धूमिल करनेके लिए दिन-रात अथक प्रयास करके, आतंकके एक मत या विचारकी उपज सिद्ध करनेको लगे हुए है ।
ज्ञात हो कि कश्मीरमें ५ सन्तानोंका मोह छोडकर एक आतंकीने शस्त्र उठा लिए है और भारतके विनाशके अपवित्र स्वप्नको लेकर निकल चला है । यह आतंकी किश्तवाडके चिनाब घाटीका रहने वाला है, जो घर छोडकर आतंक की राह चल दिया । विदित हो कि ३४ वर्षीय तालिब पुत्र नूर मोहम्मद रासगवारी, नागसिनी उपनगरका रहने वाला था । बताया ये भी जा रहा कि अब वो घूम-घूम बाकी लोगोको भी ‘जिहाद’के लिए उकसा रहा है और उन्हें हत्या करने और शस्त्र चलानेकी शिक्षा दे रहा है ।
इस प्रकरणमें तालिबके घर वालोंकी भी भूमिका शंकाके घेरे में आ रही है, जिन्होंने २०१६ में ओझल हुए तालिबकी गुम होनेका विवरण जुलाई २०१७ में दिया है । अब उस तालिबके बारे में सूचना मिली है कि वो ‘हिजबुल मुजाहिदीन’में सम्मिलित हो चुका है । पुलिस सूत्रोंका मानना है कि तालिब ‘हिजबुल मुजाहिदीन’के कुछ अन्य सदस्योंके साथ किश्तवाडके मारवाह व ऊपरी क्षेत्रोमें सक्रिय है । इस आतंकीकी खोज चल रही है । बताया जा रहा कि इसने अपनी सन्तानों और पत्नीको स्पष्ट कह दिया कि उन्हें उन सबसे अधिक ‘जन्नत’ प्रिय है और वो इस राहसे ‘जन्नत’ प्राप्त करेगा ।
स्रोत : सुदर्शन न्यूज
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