अगस्त ६, २०१८
देशमें वृहद होती जनसंख्यापर चिन्ता दिखाते हुए राज्यसभामें भाजपाके सदस्योंने कहा कि यदि जनसंख्या इसी प्रकार बढती रही तो विकासकी सभी योजनाएं शून्य हो जाएंगी । भाजपाके अशोक बाजपेयीने शून्यकालमें यह प्रकरण उठाते हुए कहा कि वर्तमानमें भारतकी जनसंख्या विश्वकी कुल जनसंख्याका १७.५ प्रतिशत है और हमारे पास भूमिका केवल २.४ प्रतिशत भाग है । हमारे संसाधन भी जनसंख्याके अनुसार सीमित हैं ।
उन्होंने कहा कि भारतकी जनसंख्या वर्ष २०२२ में चीनसे अधिक हो जाएगी और २०५० तक हमारी एक अरब ६६ कोटि होगी ! बाजपेयीने कहा कि शासन विकासके लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है; लेकिन यदि इसपर नियन्त्रण नहीं हुआ तो इन योजनाओंका कोई अर्थ नहीं होगा ।
उन्होंने शासनसे जनसंख्या नियन्त्रणके लिए ठोस पग उठानेकी मांग की । भाजपाके ही विजय पाल सिंह तोमरने कहा कि वर्ष १९५१ में देशकी जनसंख्या ३६ कोटि थी, जो वार्षिक दो कोटिकी दरसे बढते हुए अब १३५ कोटि हो चुकी है ! उन्होंने कहा, ‘भगवान’ और ‘अल्लाह’के नामपर बच्चे पैदा किए जा रहे हैं; लेकिन इससे आने वाले समयमें स्थिति और अधिक चिन्ताजनक होगी; इसलिए शासनको तत्काल ठोस पग उठाना चाहिए, ताकि जनसंख्यापर नियन्त्रण पाया जा सके ।
स्रोत : जी न्यूज
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