‘कुछ भी हो जाए, नहीं बनेंगे मुसलमान’, मुसलमान बन चुके चचेरे ससुरकी धमकीका उत्तर दिया जौनपुरवाली बहुने


२ अक्टूबर, २०२१
     उत्तर प्रदेशके जनपद जौनपुरकी कोतवाली क्षेत्रके मजडीहा गांवकी एक महिलाने परिवाद प्रविष्ट करवाया है । महिलाके अनुसार, कुछ समय पूर्व मुसलमान बन चुके, अपने ही चचेरे ससुरने शारीरिक व मानसिक रूपसे उन्हें प्रताडित किया है । चचेरे ससुरने उसे बलपूर्वक मुसलमान बनानेका दबाव डाला है । महिलाने इसका परिवाद स्थानीय ‘थाने’में किया था; किन्तु उनकी सुनवाई नहीं हुई । बहुत कठिनाईसे ‘पुलिस’ अधीक्षकके हस्तक्षेपपर प्रकरण प्रविष्ट हो पाया और इसीकारण आरोपीका दु:स्साहस बढ गया ।  जितेंद्रकी पत्नी, पीडिता मनीता प्रजापतिद्वारा दिए गए प्रार्थनापत्रमें आरोप लगाया गया है कि उसका चचेरा ससुर महाबल कई वर्ष पूर्व मुसलमान बन गया था और वह स्वयंको मोहम्मद सालिक कहता है । अब वह सबको धर्मान्तरण करवानेका दबाव बनाने लगा है । उसने अपने भाई (महिलाके ससुर) लोरिक प्रजापतिका धर्मान्तरण करवाना चाहा था; किन्तु असफल रहा । ससुरकी मृत्युके पश्चात सालिकने पीडिता और उसके पूरे परिवारको पहले प्रलोभन दिया और बात नहीं बननेपर, समूचे परिवारको शारीरिक और मानसिक रूपसे प्रताडित करने लगा । असफल होनेपर सालिकने पीडिताकी सम्पूर्ण सम्पत्ति हडपने और हत्या करनेकी भी धमकी दी है । उसके पति जितेंद्रपर, सालिक कई बार घातक आक्रमण भी करवा चुका है । जौनपुर ‘पुलिस’ इसे परस्पर धनके लेन-देनका प्रकरण बताकर टाल रही है और शान्ति व्यवस्था भंग करनेके आरोपमें दोनों पक्षोंपर अर्थदण्ड (चालान), धारा-१५१/१०७/११६ ‘सीआरपीसी’के अन्तर्गत किया गया है । पीडिताने ‘पुलिस’की प्रक्रियापर असन्तोष जताते हुए कहा है कि कुछ भी हो जाए, वे मुसलमान नहीं बनेंगी ।
      आधिकारिक व सामाजिक रूपसे धर्मान्तरण भारतके हिन्दू समाजकी एक विकराल समस्या बनी हुई है । बहुल मुसलमान क्षेत्रोंमें, उनके भयसे ‘पुलिस’ भी उनके विरुद्ध कुछ करनेसे पीछे हट जाती है, जिससे पीडित हिन्दुओंको न्याय नहीं मिल पाता और जिहादियोंका दु:स्साहस बढ जाता है । केन्द्र शासनको इस ओर विशेष रूपसे ध्यान देते हुए अपराधियोंको दण्डित करना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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