दाऊदने आदिवासी युवतीसे कई बार किया दुष्कर्म, बलपूर्वक भ्रूणहत्याकर भागा
११ अक्टूबर, २०२१
राजस्थानके झालावाडसे एक आदिवासी युवतीके साथ अनेक बार दुष्कर्म करनेका प्रकरण उजागर हुआ है । आरोपी दाऊदने ६ माहके अजन्मे बच्चेकी भ्रूणहत्या की है । दाऊदने किशोरीसे दुष्कर्म करनेके पश्चात उसे बलपूर्वक गर्भनिरोधक गोलियां खिलाई । परिवारके अनुसार पीडिताकी आयु १८ वर्षसे अधिक है, यह सुनिश्चित करनेके पश्चात ‘पुलिस’ निर्णय लेगी कि इस प्रकरणमें, उत्पीडनसे बच्चोंके संरक्षणका अधिनियम ‘(POCSO)’ के अन्तर्गत, धाराएं लगाई जाए या नहीं ? यह प्रकरण शनिवार १० अक्टूबर, २०२१ को सामने आया है ।
पीडिताकी स्थिति सड्कटसे बाहर है । आरोपितके विरुद्ध ‘पुलिस’ने भारतीय दण्ड संहिताकी धारा-३७६ (दुष्कर्म), ३१३ (महिलाकी सहमतिके बिना गर्भपात) और ३१५ के (जीवित बच्चेका जन्म होनेसे रोकने, षड्यन्त्रपूर्वक हत्याके) अन्तर्गत प्रकरण प्रविष्ट किया गया है । आरोपितको ‘पुलिस’द्वारा ढूंढा जा रहा है ।
म्लेच्छ जिहादियोंके लिए स्त्रियोंके शीलका कोई महत्त्व नहीं होता है और यदि स्त्री अमुसलमान हो तो वे और भी क्रूर हो जाते हैं ! कलियुगी पन्थोंकी उपज दुष्ट जिहादियोंसे, सुरक्षित रहनेके लिए स्त्रियोंको भी धर्माचरण, साधना सहित स्वरक्षाके लिए पूर्वसिद्धता रखनी ही होगी । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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