मार्च १७, २०१९
गोवाके मुख्यमन्त्री, जो एक सरल नेता थे, जो न विवादोंमें आए, कर्मठ और अनुशासन प्रिय थे, कर्करोगसे लडते हुए भी कार्य करते थे, कल रविवार, १७ मार्चको उनका निधन हो गया !
मनोहर पर्रीकरके निधनपर सामाजिक जालस्थलपर धर्मान्धोंने वैसा ही कुकृत्य आरम्भ कर दिया है, जैसा पुलवामा आक्रमणके पश्चात किया था ।
फेसबुकपर यह समाचार एनडीटीवीने दिया तो धर्मान्ध लोग इसपर हंस रहे थे और पर्रीकरके लिए अपशब्द भी लिख रहे थे ! ऐसा ही ‘टाइम्स ऑफ इण्डिया’के पेजपर हुआ और ये ऊपरके केवल २ उदाहरण मात्र हैंं, लगभग प्रत्येक पृष्ठपर धर्मान्धोंने पर्रीकर निधनपर हंसना आरम्भ कर दिया है !
“ये केवल एक शैतानी मानसिकता ही हो सकती है किसी कर्त्त्वयनिष्ठ व्यक्तिका निधन हुआ हो और उसपर हंस रहे हो ! एक ओर धर्मान्ध राष्ट्रभक्त होनेका दावा करते हैं तो दूसरी ओर किसी राष्ट्रविरोधी कृत्यपर फूले नहीं समाते हैं ! यह जिहादी व पाकिस्तानी प्रेमकी मानसिकता हमारे राष्ट्रके लिए ही हानिकारक है; क्योंकि विशेष बात यह है कि उपहास करनेवाले अधिकसे अधिक जिहादी भारतसे ही होते हैं, इसका अर्थ है कि जिस थालीमें खाते हैं, उसीमें छेद करते हैं ! ऐसे जिहादी तत्त्वोंका अभिज्ञानकर कडा दण्ड अत्यावश्यक है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : डीबीएन
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