‘जिहादियोंकी भीडमें रोहिंग्या भी’: पूर्णियामें अनुसूचित जातिके लोगोंकी बस्तीमें लगाई आग, जांचके लिए पहुंचा अनुसूचित जाति आयोगका दल


२४ मई, २०२१
 बिहारके पूर्णियामें रिजवी, शाकिद और इलियासने अपने धर्मान्ध साथियोंके साथ हिन्दुओंकी एक बस्तीमें आग लगा दी । इसमें अनुसूचित जातिके हिन्दू रहते थे ।
 साथ ही एक व्यक्तिकी पीट-पीटकर हत्या भी कर दी गई बायसी थानाके मझुआ गांवमें १९-२० मई २०२१ की रात्रिको हुई इस घटनाकी जांचके लिए अनुसूचित जाति आयोगका एक गुट घटनाकी जांचके लिए पहुचा है । इस घटनामें १५० से भी अधिककी भीडने ‘महादलित’ बस्तीमें अनेक घरोंको जला डाला ।
 पीडितोंका वक्तव्य है कि प्राथमिकीके प्रविष्ट होनेपर भी पुलिसकी निष्क्रियताके कारण धर्मान्धोंने यह कृत्य किया ।
     भारतके हिन्दुओंमें फूट डालनेके लिए हिन्दूद्रोहियोंद्वारा ‘दलित-मुसलमान’ एकताका भ्रमजाल फैलाया जाता रहा है; परन्तु ऐसे हिन्दुओंपर मुसलमान प्रायः आक्रमण करते हैं, तब यह भ्रम फैलानेवाले मौन हो जाते हैं । सभी अनुसूचित जातिके हिन्दू इस भ्रमजालसे बाहर निकलें और हिन्दू राष्ट्रकी पुनर्स्थापना हेतु कार्य करें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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