बांग्लादेशसे अवैध रूपसे लाई गई लडकीसे करवा रहे थे वेश्यावृत्ति, तीन जिहादी बनाए गए बन्दी
२० अप्रैल, २०२१
गुजरातकी पुलिसने तीन बांग्लादेशियोंको बन्दी बना लिया है । उक्त जिहादी, वहांसे घुसपैठद्वारा लाई गई किशोरीसे वेश्यावृत्ति करवा रहे थे । लडकीके निर्धन परिजनको धनका प्रलोभन देकर, उनकी बेटियोंको कार्य दिलवानेके ‘बहाने’ बांग्लादेशसे भारत लाया जाता है । बांग्लादेशके नाइडल जनपदकी लडकीको सूरत, गुजरातकी पुलिसने अवैध रूपमें वेश्यावृत्तिमें पकड लिया । उसे ‘चिल्ड्रन हेल्प लाईन’में भेज दिया गया । केवल चार सहस्र रुपए देकर सीमा पार करवाया गया और एक अन्य मध्यस्थको उसे गुजरातके सूरत नगरतक पहुंचानेके लिए पन्द्रह सहस्र रुपए दिए गए । सूरतमें मिजानुर व उसकी पत्नी अजमीराको सौंप दिया गया, जो उसके लिए ग्राहक ढूंढते और रुपए ऐंठते थे । उसमेंसे कुछ राशि लडकीके परिवारको देते थे । ‘एटीएस’द्वारा पकडे जानेपर उनसे छद्म ‘पहचान’-पत्र, ‘पेन कार्ड’, ‘आधार-कार्ड’ और वाहन चलानेके प्रमाण पत्र प्राप्त हुए हैं । वे सभी लम्बे समयसे भारतमें अवैध रूपसे रह रहे हैं । पुलिसने उनपर प्रकरण प्रविष्ट कर दिया है ।
बांग्लादेशी न जाने कितने लाखोंकी सङ्ख्यामें अवैध रूपसे भारतमें रह रहे हैं । जिन्हें कांग्रेस और हिन्दू विरोधी दलोंने आश्रय दिया । भाजपासे आशा थी कि वह इन्हें बाहर करेगी; परन्तु वह भी कछुएकी चाल चल रही है । सभी हिन्दू इस सम्बन्धमें स्वर मुखर करें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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