‘कश्मीर स्वर्ग नहीं, हमारे लिए नरक है’, मृतक शिक्षक दीपक चन्दके सम्बन्धीको मिल रही हैं धमकियां
७ अक्टूबर, २०२१
जम्मू-काश्मीरके श्रीनगरमें आतङ्कियोंने दो शिक्षकोंकी हत्या कर दी है । इस केन्द्र-शासित प्रदेशके उप-राज्यपाल मनोज सिन्हाने मुसलमान आतङ्कियोंकी इस प्रक्रियाकी निन्दा करते हुए कहा, “निर्दोष लोगोंपर आतङ्की आक्रमण करनेवालोंको उचित उत्तर दिया जाएगा । आतङ्की और उनके संरक्षक जम्मू-काश्मीरमें शान्ति भंग करने और प्रगतिको रोकने तथा अवरोध उत्पन्न करनेमें कभी भी सफल नहीं होंगे ।” राज्यके ‘डीजीपी’ दिलबाग सिंहने इसे साधारण नागरिकोंको लक्ष्य करना बताया है, जो कि अमानवीय है । इसमें समाजकी सेवामें लगे निर्दोष लोग, जिनका किसीसे भी कोई लेना-देना नहीं है, उन्हें लक्ष्य बनाया जा रहा है । इस प्रकारकी हत्याएं इसलिए की जा रही हैं, जिससे एक साम्प्रदायिक वातावरण बनाया जा सके । ‘डीजीपी’ने इसे पाकिस्तानका षड्यन्त्र बताया है । श्रीनगरके ‘मेयर’ जुनैद मट्टूने भी आतंकी आक्रमणकी निन्दा की । मारे गए शिक्षक दीपक चन्दके एक सम्बन्धीका कहना है, “हमें अभी भी धमकी भरे दूरभाष (फोन) आ रहे हैं । कश्मीर स्वर्ग नहीं है, नरक है । हमें पिछले ३० वर्षोंसे लक्ष्य बनाया जा रहा है ।”
कश्मीरसे जबतक म्लेच्छ आतंकियोंका सम्पूर्ण विनाश नहीं हो जाता, तबतक कश्मीरको स्वर्ग बनाया भी नहीं जा सकता ! आतंकियोंके विनाश, पाकिस्तानके विनाशसे ही सम्भव है; अतः भारत शासन यह कार्य शीघ्र करे ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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