देहली पुलिसकी देशद्रोहके आरोप-पत्रमें कन्हैया कुमार और उमर खालिदपर नियन्त्रण करनेकी तैयारी !


दिसम्बर २२,२०१८

‘जेएनयू’में देशद्रोहके कथित प्रकरणमें देहली पुलिसका विशेष विभाग शीघ्र ही विशेष न्यायालयमें आरोप-पत्र (चार्जशीट) प्रविष्ट करने वाला है । सूत्रोंके अनुसार इसमें जेएनयूके पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार, उमर खालिद सहित कुछ कश्मीरी युवकोंका नाम भी सम्मिलित किया जा रहा है । विशेष विभागके सूत्रोंसे मिली जानकारीके अनुसार जिन आठ लोगोंको आरोपी बनाया गया है, उनके विरुद्ध पुलिसके पास पक्के साक्ष्य हैं । इनमेंसे दो ‘जेएनयू’ छात्र, दो ‘जामिया’के छात्र, एक ‘एएमयू’ छात्र, एक मुरादनगरका रहने वाला चिकित्सक और दो अन्य छात्र सम्मिलित हैं ।


इस आरोप-पत्रमें कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्यको मुख्य आरोपी बनाए जानेकी तैयारी है, परन्तु वैधानिक विशेषज्ञोंसे परामर्श लेनेके पश्चात कुछ अन्य नामोंको भी आरोपीकी सूचीमें सम्मिलित किया जा सकता है । सूत्रोंकी मानें तो इस आरोप-पत्रको सरकारी अभियोजकके पास देखनेके लिए भेजा गया है । आशा की जा रही है कि शीघ्र ही इसे न्यायालयमें प्रविष्ट किया जाएगा ।

उमर खालिद और दो अन्य छात्रोंको २०१६ में जांच दलने (पैनलने) दोषी पाया था और उन्हें निष्कासित करनेका निर्णय सुनाया था । इसी दलने उस समय जेएनयू छात्र संघके अध्यक्ष कन्हैया कुमारपर १०,००० रुपयोंका अर्थदण्ड भी लगाया था । इस प्रकरणकी सुनवाई जेएनयूकी एक उच्च स्तरीय समिति कर रही थी, जिसने दलके निर्णयको बनाए रखा था ।

इस प्रकरणमें जो आरोप-पत्र प्रविष्ट किया जाएगा, उसमें वीडियो व चलभाषके स्थानको (लोकेशनको) साक्ष्यके रूपमें रखा गया है । इस प्रकरणको लेकर जो वीडियो पुलिसने अधिकृत किए थे और जो अन्य वीडियो भिन्न-भिन्न श्रोतोंसे प्राप्त किए थे, उनकी जांच कराई जा चुकी है ।

पुलिस सूत्रोंके अनुसार, इस प्रकरणमें आरोपियोंके फेसबुक खातेको देखा गया, जहां से कई साक्ष्य उनको प्राप्त हुए । इनमेंसे एक आरोपीने उस दिवस हुई नारेबाजीका वीडियो अपने फेसबुकपर डाल रखा था । इन आरोपियोंने पूछताछमें पुलिसको बताया कि उन्हें यहां अधिक-से-अधिक छात्रोंको लेकर आनेके लिए कहा गया था । बता दें कि ९ फरवरी २०१६ में जेएनयू परिसरमें अफजल गुरुकी फांसीके विरोधमें एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें देशविरोधी नारे लगे थे !

 

“शासन ऐसे राष्ट्र द्रोहियोंको कडेसे कडा दण्ड दें, जिससे कोई राष्ट्र विरुद्ध कृत्य करनेका दुस्साहस न कर सकें और शासन साथ ही इन आतंकका पोषण करने वाले विश्वविद्यालयोंकी जांच कर कडीसे कडी कार्यवाही करें, ऐसी सभी राष्ट्रवादियोंकी मांग है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान



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