अक्तूबर ३०, २०१८
उत्तर प्रदेशकी राजधानी लखनऊमें दो बच्चियोंसे दुष्कर्मके प्रकरणमें कार्यवाही न होनेसे निराश परिवारने सोमवार, २९ अक्टूबरको विधानभवनके सामने आत्मदाह करनेका प्रयास किया, लेकिन वहां उपस्थित पुलिसकर्मियोंने उन्हें बचा लिया । इस घटनासे काफी देर तक हडकम्प मचा रहा । पुलिसने परिवारको शीघ्र ही कार्यवाहीका आश्वासन दिया है ।
पीड़ित परिवारका आरोप है कि नगराममें रहने वाले लोगोंने उनकी नाबालिग बच्चियोंके साथ दुष्कर्म किया ! आरोपियोंके विरुद्घ पुलिससे परिवाद की गई; लेकिन नगराम पुलिसने कोई कार्यवाही नहीं की ।
पीडितके पिताने बताया कि दो वर्ष पूर्व कस्बा नगराममें दुकानपर चीनी लेने गईं, दो बच्चियोंसे मोहम्मद इशरतने दुष्कर्म किया था ! प्रकरणपर पुलिसने प्राथमिकी प्रविष्ट की और आरोपीको बन्दी बनाया । छह माह पश्चात् कारावाससे बाहर आए आरोपीने नगर पंचायत अध्यक्षकी सहायतासे पीडिताके पितापर प्रकरण वापस लेनेका दबाव बनाया । पीडित पिताने बताया कि अब आरोपियोंद्वारा भयभीत कर सन्धि करनेका दबाव बनाया जा रहा है ।
उसका आरोप है कि प्रकरणमें उच्चाधिकारियोंसे परिवादके पश्चात् भी पुलिस कार्यवाही नहीं कर रही है; इसलिए निराश पिताने विधानभवनके समक्ष आत्मदाहका प्रयास किया । वो विधानसभाके सामने अपने साथ पत्नी और चार बच्चोंको लेकर आया था ।
“एक धर्मान्धने अमानवीय कृत्य किया और प्रशासन तन्त्र उस नराधमको बचानेमें लगा था !, इसीसे आजकी न्यायप्रणालीकी स्थितिका बोध होता है । स्वार्थ, तुष्टिकरण व भ्रष्टाचारसे ग्रसित राजनेताओंने समूचि व्यवस्थाको जर्जर बना दिया है और न्याय तो जैसे साधारण व्यक्तिका है ही नहीं ! इस व्यवस्थाको सुधारने हेतु हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना आवश्यक है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जी न्यूज
Leave a Reply