पाक प्रधानमन्त्रीने कहा, हम अल्पसंख्यकोंको समानताका अधिकार देंगेंं !


दिसम्बर २६, २०१८

पाकिस्तानके प्रधनमन्त्री इमरान खानने एक बार पुनः अल्पसंख्यकोंपर वक्तव्य दिया है । इमरानने कहा कि हम अल्पसंख्यकोंको समानताका स्थान देंगें । खानका यह वक्तव्य भारतके पूर्व क्रिकेटर मो. कैफके अल्पसंख्यकोंपर वक्तव्यके कुछ समय पश्चात आया । इसमें कैफने कहा था कि अल्पसंख्यकोंके साथ कैसा व्यवहार किया जाए ?, इसपर पाकको परामर्श देनेकी आवश्यकता नहीं है ।

कैफने मंगलवार, २५ दिसम्बरको ट्वीट किया था, विभाजनके समय पाकिस्तानमें २०% अल्पसंख्यक थे । अब २% से भी अल्प हैं ! दूसरी ओर, स्वतन्त्रताके पश्चात भारतमें अल्पसंख्यकोंकी संख्यामें वृद्धि हुई है । पाकिस्तान तो ऐसा अन्तिम देश होगा, जिसे अल्पसंख्यकोंके साथ व्यवहारको लेकर परामर्श देना   चाहिए ।

कैफके ट्वीटके कुछ घंटों पश्चात इमरानने ट्वीट किया, हमारा शासन यह निश्चित करेगा कि पाकिस्तानमें सभी समुदायोंके साथ एक जैसा व्यवहार हो । भले ही भारतमें कुछ भी हो रहा हो । जैसा कि हमारे संस्थापक मो. अली जिन्नाने कल्पना की थी, पाकिस्तान आज उसी प्रकार अल्पसंख्यकोंके अधिकारके लिए खडा है । जिन्नाने लोकतान्त्रिक, न्यायपूर्ण और दयावान पाकिस्तानकी कल्पना की थी । वह चाहते थे कि अल्पसंख्यकोंको हमारे नागरिकोंके समान पद मिले ।

इससे पूर्व इमरानने कहा था, हम हिन्दुस्तानको दिखा देंगे कि अल्पसंख्यकोंके साथ कैसा व्यवहार किया जाता है ? भले ही भारतमें कुछ भी हो रहा हो । भिन्न पाकिस्तानके लिए जिन्नाका संघर्ष तब आरम्भ हुआ था, जब उन्हें यह भान हो गया था कि हिन्दुस्तानमें बहुसंख्यक हिन्दू अल्पसंख्यक मुस्लिमोंके साथ समानताका व्यवहार नहीं करेंगें ।

 

“अधिकांश देवालय धर्मान्धोंद्वारा नष्ट किए जा चुके हैं, हिन्दुओंकी लडकियोंको उठाया जाता है, उनके साथ दुष्कर्म होते हैं, बलपूर्वक धर्मान्तरण करवाया जाता है, इन सबसे त्रस्त अधिकांश हिन्दू पाकिस्तान छोड चूके हैं । जो शेष हैं इमरान उन्हें सुरक्षा व अधिकार दें और सभी हिन्दू देवालयोंका पुनर्निर्माण करें, तब यह कथन सार्थक लगेगा, अन्यथा कोरी बातें तो पाकिस्तान सदैव ही करता आया है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : भास्कर

 



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution