समस्त कांग्रेसी व बसपा कार्यकर्ताओंके अपराधिक अभियोगको वापस लेंगें कमलनाथ !!


जनवरी १९, २०१९


मध्य प्रदेशके कमलनाथ शासनको एक माह पूर्ण हो गया है और इस अवसरपर गुरुवार, १७ जनवरीको रखी गई मन्त्रिमण्डलकी बैठकमें एक बडा निर्णय लिया गया । जिसमें गत १५ वर्षोंके समय कांग्रेसियोंके विरूद्ध राजनीतिक दुर्भावनाके चलते प्रविष्ट किए गए अभियोगको वापस लिया जाएगा !

माना जा रहा है कि इस निर्णयका सबसे अधिक लाभ कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओंको ही होने जा रहा है; क्योंकि राज्यमें गत १५ वर्षोंसे भाजपाका शासन था और इस मध्य कांग्रेस सहित अन्य दलोंके नेताओं और कार्यकर्ताओंपर जो प्रकरण प्रविष्ट हुए हैं, उन्हें वापस लेनेका निर्णय किया गया है !

कांग्रेसके अतिरिक्त बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) और समाजवादी पार्टी (एसपी) सहित अन्य दलोंके कार्यकर्ताओंपर प्रविष्ट अभियोग भी वापस लिए जाएंगें ।

इसके अतिरिक्त मंदसौर किसान आंदोलन और एससी/एसएसटी अधिनियमके विरुद्ध हुए प्रदर्शनके समय प्रविष्ट प्रकरणको भी वापस लिए जानेका निर्णय लिया गया है ।

भाजपाने कहा कि इस निर्णयका आश्रय लेकर कांग्रेस अपराधियोंका साथ दे रही है ।

बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवालने कहा है कि कांग्रेस इसके आश्रयमें गंभीर अपराध करनेवाले अपराधियोंपर प्रविष्ट अभियोग भी वापस ले सकती है; इसलिए कांग्रेसको ये भी सार्वजनिक करना चाहिए कि किस व्यक्तिको किस अपराधसे मुक्त किया जाएगा ?

 

“तो अब आन्दोलनका आश्रय लेकर कितनी ही तोड-फोड करो, किसीको मारो-पीटो, घर-दुकानोंको जला दो, किसीसे दुष्कर्म करो तो कांग्रेसके लिए वह अपराध नहीं है; क्योंकि वह कांग्रेस, बसपाका कार्यकर्ता है !! चूंकि संस्कृति कांग्रेसी है तो अब कार्यकर्ता आतंकी भी हो सकता है ! क्या हमारा न्यायतन्त्र इसमें हस्तक्षेप करेगा ? निधर्मी लोकतन्त्र व राजनेताओंने मिलकर देशकी जो दुर्दशा की है, जो अत्याचारी मुगलों व अंग्रेजोंने की थी तोइस स्वतन्त्रताका क्या लाभ ? कीचड व पापसे सनी इस राजनीतिको शुद्ध करनेके लिए हिन्दू राष्ट्रकी आवश्यकता है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : भास्कर



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