पहले पाकिस्तानके करकमें हिन्दुओंका मन्दिर तोडा, अब तोडनेवाले ‘इस्लामी’ कट्टरपन्थियोंपर लगे अर्थदण्डको हिन्दू परिषदपर भरनेका दबाव
२४ नवम्बर, २०२१
पाकिस्तानमें अल्पसंख्यकों विशेषकर हिन्दुओंपर अत्याचार कोई नूतन बात नहीं है । इस विषयमें एक और प्रकरण उजागर हुआ है । ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’के प्रतिवेदनके अनुसार, हिन्दू परिषदपर उन ‘इस्लामी’ कट्टरपन्थियोंके स्थानपर अर्थदण्ड भरनेका दबाव बनाया जा रहा है, जो करकमें एक मन्दिर विध्वंसमें सम्मिलित थे । सर्वोच्च न्यायालयद्वारा ११ ‘मौलवियों’पर लगाया गया अर्थदण्ड हिन्दू पूर्वमें ही भर चुके हैं । अब उनपर इस प्रकरणके आरोपित अन्य १०० से अधिक ‘इस्लामी’ कट्टरपन्थियोंका अर्थदण्ड देनेका भी दबाव है ।
खैबर-पख्तूनख्वाके ‘करक’ जनपदमें दिसम्बर २०२० में मन्दिरपर आक्रमण किया गया था । इस प्रकरणमें पाकिस्तानकी सर्वोच्च न्यायालयने ११ ‘मौलवियों’पर अर्थदण्ड लगाया था । यह राशि ‘ऑल पाकिस्तान हिन्दू परिषद’के संचित धन से (फण्ड से) दी गई है ।
‘अन्धेर नगरी चौपट राजा’ जैसी दुर्दशासे ग्रसित होनेसे पाकिस्तानमें अल्पसंख्यक समूह पूर्णरूपसे असहाय व पीडित हैं । भारतवर्षमें हिन्दू राष्ट्रकी स्थापनासे विश्वपटलमें पाकिस्तान रूपी अन्धकारको मिटाना होगा, इस दिशामें सभीको कृतिशील होना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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