बाबरीके समान जामिया मस्जिदको भी किया जाना चाहिए ध्वस्त, वहां हनुमान मन्दिरका अस्तित्व होना बतानेपर बन्दी बनाया गया साधु 


१९ जनवरी, २०२२
कर्नाटकके एक साधु ऋषि कुमारको पुलिसने बन्दी बनाया है । ऋषि कुमारने अयोध्याकी बाबरी ढांचेकी भांति, कर्नाटकमें श्रीरंगपट्टनमकी जामिया मस्जिदको ध्वस्त करनेका  आह्वान  किया  है और उसके स्थानपर एक हनुमान मन्दिर निर्माण करनेकी मांग की है ।
चिकमंगलूरके काली मठके प्रमुख ऋषि कुमारने    अपने चित्रपटमें (वीडियोमें) यह व्यक्तव्य दिया है, जो      बहुत प्रसारित हो रहा है । ऋषि कुमार, किसी दुर्घटनामें    एक बाल कलाकारकी मृत्युके पश्चात, उसके अन्तिम संस्कारमें सम्मिलित होने हेतु श्रीरंगपट्टनम आए हुए थे ।    इस मध्य साधुने बताया कि ऐतिहासिक मस्जिदके    परिसरके भीतर खम्भे, भित्तियां (दीवारें) और जल      निकाय हिन्दू वास्तुकलाके प्रतीक हैं । उसने हिन्दुओंको अब जाग जाने और हिन्दू संगठनोंको हाथ मिलाने तथा एकजुट होकर इस प्रकरणमें आगे आने हेतु कहा ‘पुलिस’ने ऋषि कुमारको पकडकर स्थानीय न्यायालयमें प्रस्तुत   किया; किन्तु साधु अपने वक्तव्यपर अडिग है और उसका कहना है कि मन्दिरको मस्जिदमें परिवर्तित किया गया है ।
कुमारके अधिवक्ताके अनुसार, उसका वक्तव्य विवादास्पद नहीं है; क्योंकि मस्जिदमें मन्दिरोंके चिह्न देखकर साधुने अपनी पीडा बताई है । शासकीय अधिवक्ताने इससे साम्प्रदायिक वैमनस्य उत्पन्न होनेका संकट बताकर, साधुकी स्वतन्त्रताका विरोध किया है ।
      मन्दिरोंको तोडने और हिन्दुओंको मारनेवालोंके वक्तव्योंपर, अन्य समुदायोंके अपराधियोंको अभिव्यक्तिकी स्वतन्त्रता बताकर छोड दिया जाता है और सत्य   बोलनेपर हिन्दुओंको ही बन्दी बनाया लिया जाता है । ऐसे हिन्दूद्वेषी लोकतन्त्रका अन्त होना अति आवश्यक है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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