कैप्टन अमरिंदरने चेताया, ‘आईएसआई’की आतंकी योजनाका भाग है करतारपुर कॉरिडोर !!


दिसम्बर १०, २०१८

पंजाब सरकारके मन्त्री नवजोत सिंह सिद्धू भले ही पाकिस्तानकी ओरसे करतारपुर कॉरिडोरकी प्राथमिकताकी सराहना कर रहे हों, परन्तु मुख्यमन्त्री कैप्टन अमरिंदरने इसे ‘आइएसआइ’की योजना बताया है ! कैप्टन अमरिंदर सिंहने रविवार, ९ दिसम्बरको दावा किया कि करतारपुर कॉरिडोर पाकिस्तानी सेनाका एक बडा षडयन्त्र है । उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तानी सेनाके प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवाने इमरान खानके प्रधानमन्त्री बननेसे पूर्व ही सिद्धूके सामने करतारपुर गलियारा खोले जानेके समाचारोंका खुलासा कर दिया था ।

मुख्यमन्त्रीके एक आधिकारिक वक्तव्यके अनुसार, उन्होंने स्वीकार किया कि पाकिस्तान पंजाबमें आतंकवादको पुनर्जीवित करनेका प्रयास कर रहा है और इसलिए हम सभीको उसकी प्राथमिकतासे सावधान रहना चाहिए । सिद्धूके प्रकरणपर उन्होंने कहा कि इसे आवश्यकतासे अधिक प्राथमिकता दी गई और जो इस प्रकरणको उठा रहे हैं, वे यह सिद्ध करनेमें असफल रहे कि यह आईएसआईकी योजना है ।

अमरिंदरने कहा, ‘करतारपुर साहिब गलियारा खोले जानेकी मांग विभाजनके पश्चातसे लम्बित थी, क्योंकि पवित्र सिख धार्मिक स्थल (श्री ननकाना साहिब, श्री पंजा साहिब, डेरा साहिब और करतारपुर साहिब) पाकिस्तानमें रह गए थे । पूर्व प्रधानमन्त्री इंदिरा गांधी और डॉ. मनमोहन सिंहने करतारपुर गलियारा खोले जानेके प्रकरणको पाकिस्तानके समक्ष उठाया था ।’

उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं भी मुख्यमन्त्रीके रूपमें अपने पिछले कार्यकालके समय पाकिस्तानी पंजाबके तत्कालीन अपने समकक्ष परवेज इलाही और उस समय पाकिस्तानके राष्ट्रपति रहे परवेज मुशर्रफके समक्ष इस प्रकरणको उठाया था । करतारपुर साहिब गलियारेके आधारशिला कार्यक्रमके लिए पाकिस्तान नहीं जानेके निर्णयपर उन्होंने कहा कि उन्होंने जानेसे मना कर दिया; क्योंकि वह ऐसे समयमें वहां जानेके बारेमें नहीं सोच सकते थे, जब पाकिस्तानी सेनाद्वारा भारतीय सैनिकों और नागरिकोंको मारा जा रहा है ।


“पाकिस्तानकी भारत विरोधी कृत्यों और योजनाओंके कारण वह विश्वास योग्य नहीं है; अतः भारतीय शासक वर्ग इसमें सावधानीपूर्वक ही पग आगे बढाए, यही राष्ट्रहितमें है ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : नभाटा



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