स्वतन्त्रता पश्चात कश्मीर विश्वविद्यालयमें लहराया तिरंगा, महबूबा मुफ्ती, फारुख अब्दुल्ला देखो यह हमारा नूतन कश्मीर है
१५ मार्च, २०२१
जब-जब मोदी शासन धारा ३७० को हटानेकी बात करता था, महबूबा मुफ्ती कहती थीं कि यह धारा हटी तो यहां तिरंगा उठानेवाला कोई नहीं होगा । आज स्थितिमें परिवर्तन है । स्वतन्त्रता पश्चात कश्मीर विश्वविद्यालय परिसरमें पहली बार तिरंगा फहराया गया । यह तिरंगा प्रतीक है कश्मीरमें परिवर्तित हुई मानसिकताका । यह संकेत है कि कश्मीर अब देशकी मुख्यधाराका ही एक अंग है । देशके अन्य प्रदेशोंके समान जम्मू-कश्मीरमें भी स्वतन्त्रताकी ७५ वी वर्षगांठके उपलक्ष्यमें अमृत महोत्सव प्रारम्भ हो गया है ।
कश्मीरमें धारा ३७० लगाना ही अनुचित था । कश्मीर मात्र कहनेके लिए देशका अभिन्न अंग था, जबकि वहां कोई अन्य भारतीय चाकरी करने, भूमि क्रय करनेका भी अधिकारी नहीं था । उस प्रदेशका अपना ध्वजतक भिन्न था । इन सभी विसंगतियोंको विराम देते हुए केन्द्र शासनद्वारा धारा ३७० समाप्त करनेके निर्णयने कश्मीरको देशका खरे अर्थोंमें अभिन्न अंग बना दिया है । अब एक देश एक ध्वज होगा और यह किसी वार्ता अथवा उदार, करुणापूर्ण वर्तनके कारण नहीं; अपितु दृढ इच्छाशक्ति और शक्ति सम्पन्नताके कारण हुआ है; अतः भारतको चाहिए कि वह संसारकी चिन्ता किए बिना स्वयंको और अधिक सुदृढ और शक्तिशाली बनाए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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