जम्मू-कश्मीरः बच्चोंको आतंकी बननेके लिए भडकानेके दोषमें १३ शिक्षकोंपर कार्यवाही


जुलाई १६, २०१८

जम्मू और कश्मीरमें बच्चोंको आतंकी बननेके लिए उकसानेमें १३ शिक्षकोंको बन्दी बनाया गया है । ये सभी शिक्षक बारामुला स्थित एक निजी विद्यालयके हैं । घटनासे सम्बन्धित कुछ वीडियो भी सामाजिक प्रसार माध्यमोंपर फैले हैं । १३ से १४ वर्षके बच्चेको इनमें जानदाफरनके वनोंमें आतंकी गतिविधियोंमें सम्मिलित होनेके लिए प्रेरित करते दिखाया गया । यह प्रकरण जुलाईके प्रथम सप्ताहका बताया जा रहा है ।

वीडियोमें कुछ बच्चे मृत्युको गले लगाने वाले गाने गाते-बजाते दिखे, जबकि कुछ आतंकियों जैसा व्यवहार कर रहे थे । उन्हें देखकर लग रहा था कि मानो वे किसी आतंकी आक्रमणके लिए सज्ज हों;  यद्यपि, इस प्रकरणपर विद्यालयने बात करनेसे मना कर दिया । बारामुलामें मुख्य शिक्षा अधिकारी अब्दुल अहमद घनीने ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’को बताया कि वह प्रकरणकी जांच कराएंगे ! स्कूल प्रबन्धनके विरुद्ध उचित कार्रवाईकी जाएगी !

पुलिस अधिकारियोंका कहना है कि इस तरहकी घटनाओंको बच्चोंकी बुद्धि भ्रमित करनेके लिए किया गया है, ताकि उन्हें भविष्यमें आतंकी बनाया जा सके ! सूत्रोंके अनुसार, रविवारको कुछ बुजुर्गोंकी मध्यस्थताके पश्चात १३ में से ११ शिक्षकोंको कडी चेतावनीके बाद पुलिसने जाने दिया । वहीं, दोके पास आपत्तिजनक सामग्री मिली है । उन्हींमें से एकने बच्चोंका वह वीडियो बनाया था ।
आपको बता दें कि पाकिस्तानके आतंकी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’ और ‘हिजबुल मुजाहिद्दीन’ने कश्मीरी बच्चोंका दुरूपयोग किया है । वे घाटीमें भारतीय सुरक्षाबलोंके साथ भिडन्तमें उनका दुरुपयोग कर चुके हैं । संयुक्त राष्ट्रके (यूएन) विवरणमें भी कुछ दिवस पूर्व इस बातका वर्णन हो चुका है ।

‘बच्चे और सशस्त्र संघर्ष’से सम्बन्धित वार्षिक विवरणमें जनवरीसे दिसम्बर २०१७ के मध्य विश्व भरमें हुए सशस्त्र संघर्षोंमें १० सहस्त्रसे अधिक बच्चे मारे गए या दिव्यांग हो गए ! आठ सहस्त्रसे अधिक बच्चोंका उस समय संघर्षमें दुरूपयोग किया गया था ।

स्रोत : जनसत्ता



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