कश्मीरमें गत दो माह से कोई नया आतंकी नहीं बना !


नवम्बर ३०, २०१८

नई दिल्‍ली : कश्मीर घाटीमें आतंकी विरोधी अभियान गत कई वर्षोंसे चल रहे हैं, परन्तु वर्ष २०१६ में सुरक्षा विभागके लिए जो एक बडी और गम्भीर समस्या आई थी, वह थी यहांके युवाओंका दर्जनोंकी संख्यामें आतंकी संगठनोंमें सम्मिलित हो जाना. आंकडोंकी मानें तो गत वर्ष नवम्बर माहसे इस वर्ष सितम्बरके माह तक १३५ कश्मीरी युवा घाटीमें विभिन आतंकी संगठनोंमें सम्मिलित हुए, किन्तु पुलिसके दावेको मानें तो गत दो माहसे कश्मीर घाटीमें किसी भी युवाकी किसी आतंकी संगठनमें सम्मिलित होनेका समाचार नहीं है । आतंकी संगठनोंमें नई भर्ती थम गई हैक्ष। बड़े- बड़े आतंकी अधिकारियोंके मारे जानेसे घाटीमें आतंकमें काफी कमी आई है ।

 

जम्मू कश्मीरके डीजीपी दिलबाग सिंहके अनुसार, “मिलिटेंसीके ग्राफमें तो काफी कमी हुई है । गत दिनों अच्छे और सफल अभियान हुए । इनमें काफी संख्यामें आतंकियोंके अधिकारी मारे गए, जिससे आतंकी गतिविधियोंमें कमी आई है । आज कोई ऐसी जानकारी गत दो माहसे नहीं मिली कि यहां कोई भी नया युवा आतंकियोंकी पंक्तियोंमें सम्मिलित हुआ हो ।” उन्‍होंने कहा कि “लोग हमारे साथ सहयोग कर रहे है और हम उनका धन्यवाद करना चाहते है ।”

 

उनके अनुसार, “कश्मीर घाटीमें गथ एक सप्ताहमें २० आतंकियोंके मारे जानेको सुरक्षाबल एक बडी सफलताके रूपमें देख रहे हैं । इस वर्षमें अबतक २३० आतंकी मारे जा चुके हैं ! सुरक्षाबलोंकी ओरसे दी गई टॉप १२ आतंकियोंकी सूचिमें अब केवल तीन ही बचे हैं । पुलिस मानती है कि इस सबके पीछे लोगोंका बढता सहयोग है ।”

माना जा रहा कि इस माहमें जिस बर्बरतासे आतंकियोंने दक्षिणी कश्मीरमें साधारण नगरिकोंकी हत्या की और उनकी हत्याका वीडियो भी प्रसारित किया, उससे लोगोंमें इनके विरुद्ध बडा गुस्‍सा है । यही कारण है कि सुरक्षाबलोंको आतंकियोंके बारेमें सूचनाएं तेजीसे मिलने लगी हैं ।

स्रोत : जी न्यूज



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution